वाचनालय में पाठकों को मिलेगा गायत्री परिवार का साहित्य

इटारसी। आत्मसुधार और माता गायत्री पूजा की विश्व में अलख जगा रहे अखिल विश्व गायत्री परिवार द्वारा शहर के तीन वाचनालयों में परिवार के संस्थापक आचार्य पं. श्री राम शर्मा का साहित्य उपलब्ध कराने की अनूठी पहल की गई है। युग निर्माण योजना के प्रकल्प के तहत गायत्री पीठ से जुड़े सदस्यों ने पं. शर्मा द्वारा रचित करीब 3200 प्रकार की धार्मिक पुस्तकों के तीन सेट नपा में सीएमओ अक्षत बुंदेला को प्रदान किए गए। सादे समारोह में सीएमओ के साथ नपा उपाध्यक्ष अरूण चौधरी, पार्षद यज्ञदत्त गौर, राजकुमार यादव, वाचनालय प्रभारी पं. जयप्रकाश दीक्षित मौजूद थे।
परिवार से जुड़े शिक्षक एसके कोरडे, रिटायर्ड महिला बाल विकास अधिकारी श्रीमती एसडी लाखे, ब्रजेश पटेल, केके पाटीदार, एसएस चौधरी, आरके मालवीय ने गायत्री मंत्र उच्चारण के साथ साहित्य का पूजन कराने के बाद सीएमओ को पुस्तकों का सेट भेंट किया। कोरडे ने बताया कि करीब 20 हजार मूल्य की 600 पुस्तकें तीन वाचनालयों में रहेंगी। लाखे ने अपने पिता की स्मृति में आधी राशि खर्च की है, अन्य राशि सभी सदस्यों ने वहन कर पीठ से पुस्तकें बुलाई हैं। देश में गायत्री पीठ का यह पहला प्रयोग यहां हुआ है, करीब 17 स्कूलों में भी पुस्तकें दी गई हैंं। सभी पुस्तकों के रचियता पं. शर्मा है, जिन्होंने दस साल की उम्र में दीक्षा लेकर 1926 बसंत पंचमी पर अखंड ज्योति का लेखन शुरू किया, इसके बाद उन्होंने जीवन दर्शन, गायत्री मंत्र एवं गायत्री पद्धति के अलावा मानव जीवन जीने की कला समेत अन्य विषयों पर 3200 पुस्तकें लिखी हैं।
अब वाचनालय में वेद, उपनिषद, संहिता, प्रज्ञापुराण, प्रज्ञा उपनिषद, नवयुग का मत्स्य अवतार, संसार च्रक की गति प्रगति, समग्र क्रांति हेतु युवाओं की तैयारी, प्रज्ञा प्रवचन, युग निर्माण अभियान, जीवन साधना और सिद्धियां, यात्री चित्रावली, गायत्री के 14 रत्न, हम बदले तो दुनिया बदले, जाग उठी तरूणाई जैसे जीवन दर्शन से जुड़ी बेशकीमती और गायत्री परिवार की मान्यता, सिद्धांतों और उद्देश्य का सार लिए हुए कई महंगी पुस्तकों का संकलन है। इस अवसर पर सीएमओ ने गायत्री परिवार के इस प्रयास की प्रशंसा करते हुए कहा कि गायत्री पीठ ने हम सुधरेंगे युग सुधरेगा के जरिए विश्व भर में आत्मसुधार की क्रांति को जन्म दिया है, निश्चित तौर पर इन पुस्तकों से नपा के वाचनालयों की शोभा बढ़ेगी और पाठकों को आध्यात्मिक विचारों को जानने का अवसर मिलेगा, उन्होंने आश्वासन दिया कि जो पुस्तकें नहीं हैं, उनकी सूची समिति दे दे तो नपा इन्हें खरीदकर वाचनालय में उपलब्ध कराने का प्रयास करेगी। सदस्यों ने आभार जताते हुए कहा कि ये पुस्तकें ज्ञान का भंडार है, इनके पढऩे से मनुष्य के विचार भाव बदलेंगे और समाज सुधार की अवधारणा को बल मिलेगा।

CATEGORIES
error: Content is protected !!
%d bloggers like this: