वार्षिक अधिवेशन : आदिवासी महिलाओं ने करीब 36 करोड़ रुपए का किया कारोबार

इटारसी। यहां से 25 किलोमीटर दूर खुले मैदान में ग्राम सुखतवा के समीप केसला पोल्ट्री सहकारी सोसायटी का 18 वॉ वार्षिक अधिवेशन मनाया। सुबह से 1200 से अधिक महिलाओं ने जुलूस निकालकर नाच-गाना करते हुए केपीएस जिंदाबाद के नारे लगाते हुए सुखतवा गांव से कार्यक्रम स्थल तक पहुंची। प्रात:काल से ही समिति की महिला सदस्यों ने एक-दूसरे को तिलक लगाकर अभिवादन किया।
केसला पोल्ट्री सहकारी सोसायटी की अध्यक्ष कुंती बाई ने वर्ष 2018-19 का आय-व्यय प्रस्तुत किया जिसको सभी महिलाओं ने स्वीकार किया।
कुन्ती बाई ने अपने उद्बोदन में कहा कि 2004-05 में आदिवासी महिलाओं की यह संस्था 23 गांवों में 276 महिला सदस्यों के साथ प्रारंभ हुई थी एवं प्रथम वर्ष 45 हजार रुपए के लगभग शुद्ध आय हुई थी और उस समय महिलाओं के चूजा पालन केंद्रों पर 10 सुपरवाईजर निगरानी करते थे। वर्ष 2018-19 में 1231 महिलाएं संगठन से जुड़ी जो 47 गांवों में निवास करती है एवं 37 सुपरवाईजर की निगरानी में चूजा पालन होता है। वर्ष 2019-20 में 30 लाख चूजा से मुर्गी बनाने की योजना है एवं 40 करोड़ के व्यापार का लक्ष्य रखा है एवं सहकारी के सदस्यों का मुनाफा साढे तीन करोड़ रखने का लक्ष्य रखा गया है।
केसला पोल्ट्री सहकारी समिति सहित मध्यप्रदेश सहित देश के अन्य राज्यों में आदिवासी महिलाओं के बीच में मुर्गी पालन करने के लिए कई समितियों का गठन किया गया हैं और इन सबको एक सूत्र में बांधने के लिए भारतीय ग्रामीण महिला मुर्गी उत्पादन संघ बनाया गया है जो सभी संस्थाओं को आर्थिक मदद करती है। आदिवासी विकासखंड केसला के सुखतवा में केसला पोल्ट्री सहकारी समिति का कार्य स्वंय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भी सराहा है एवं नई दिल्ली में कुन्ती बाई को वर्ष 2016 में सम्मानित भी किया जा चुका हैं। समारोह में विशेष अतिथि के रूप में समाजसेवी एवं संस्था के जन्म से जुड़े हुए प्रमोद पगारे का महिला सदस्यों ने मंच पर सम्मान किया। केपीएस के मैनेजर डॉ. इम्त्याज अली सहित सभी अतिथि उपस्थित थे। उपाध्यक्ष कमला बाई ने आभार प्रदर्शन किया।

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