वृहद स्तर पर किया जाएगा पौधरोपण: कमिश्नर

वृहद स्तर पर किया जाएगा पौधरोपण: कमिश्नर

होशंगाबाद। मां नर्मदा नदी के पानी को शुद्ध कर उसके जल स्तर को बढाया जाएगा साथ ही नदी को प्रदूषण से मुक्त भी किया जाएगा। इसके लिए नर्मदा नदी के रिपेरियन जोन अर्थाथ तटवर्ती क्षैत्रों में वृहद स्तर पर विभिन्न प्रकार की वनस्पतियो, वृक्षो, घास व झाडियों को पुर्न जीवित किया जाएगा। अर्थाथ बडे पैमाने पर रिपेरियन जोन में स्थानीय वनस्पतियो जैसे अर्जुन, जामुन, बबूल, बांस, बहेडा, खिरनी, मोलश्री, खाखरा या पलाश, पीपल, गूलर, बरगद करंज, खमेर, चार, रोरी,साजा, तेंदु नीम, दुधि व कूडा के पौधो का रोपण किया जाएगा।
उक्त जानकारी नर्मदापुरम् संभाग कमिश्नर श्री उमाकांत उमराव ने सोमवार को जैव विविधता व पौधरोपण की तैयारी संबंधी बैठक में दी। कमिश्नर ने बताया कि रिपरियन जोन अर्थाथ नर्मदा नदी के तटवर्ती क्षैत्रों में वृहद पैमाने पर पौधरोपण करने से पौधे जल की गुणवत्ता को बढती है, तथा पारिस्थितिक तंत्र का संतुलन भी बनता है। तटवर्ती क्षैत्र के वनस्पति जल में घुलित विषैले पदार्थो को अवशोषित कर नदी जल का शुद्धिकरण करते है। जल का पुन भरण कर जल की निरंतरता को बनाए रखते है। एवं जल का स्तर ऊंचा उठाने में सहायक होते है। तटवर्ती वनस्पति मुद्रा का कटाव रोककर बाढ कि रोकथाम करते है।
28 संस्थाएं हुई चिन्हित
कमिश्नर ने बताया कि रिपेरियन जोन में पौधरोपण, वनस्थति, घास, झाड, झाडियां लगाने के लिए 28 स्वयं सेवी संस्थाएं सामने आई है। कुल 28 स्वयं सेवी संस्थाओ को चिन्हित किया गया है। ये संस्थाएं नर्मदा के तटवर्ती क्षैत्रो में वनस्पतियो को जिवित रखने में अपना सहयोग देगी। कमिश्नर ने प्रस्फुटन समितियो, नर्मदा सेवा समितियो व ग्राम पंचायतो के सचिव व सरपंचो को निर्देशित किया कि वे 2 से 3 किमी का क्षैत्र लेकर 7 दिवस में पौधो के टीएस व एएस जारी कराएं।
120 किमी तक के क्षैत्रो में किया जाएगा पौधरोपण
कमिश्नर श्री उमराव ने बताया कि नर्मदा नदी के 120 किमी के क्षैत्रों में वनस्पति विभिन्न प्रकार की घासे, झाडियां व पौधो को रोपित करने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होने स्वयंसेवी संस्थाओ को निर्देशित किया कि वे 15 दिनो में घास, पौधे बीजो की उपलब्धता बताएं। कमिश्नर ने बताया कि कुछ पौधे मार्च माह में तो कुछ पौधे जून माह में लगाए जाएगें।
इन पौधो व घास का होगा रोपण
कमिश्नर श्री उमराव ने बताया कि नर्सरियो में अर्जुन, बांस, चिरोल, जामुन, बहेडा, मोलश्री, खमेर, कटहल, साजा, सिरिस, नीम, सीताफल, बीजा, हल्दू बेल, आंवला, हर्रा, महुवा के पौधे उपलब्ध है। नर्मदा सेवा समिति व स्वयंसेवी संस्थाओ द्वारा स्वयं बबूल, खिरनी, खखरा, पीपल, गूलर, बरगद, चिरोंजी, रोरी, तेंदू, झाऊ, दूधी, कूडा, दहीमन, कुसुम, कैथ, ढीकमाली, रोहना, ककड, बारंगा, पापडा के पौधे प्राप्त कर लगाए जाएगे। साथ ही रिपेरियन जोन में अडुसा, भरोद फाली, भारंगी, गटेरण, मेन्हार, चित्रक, केवडा, आईल, गंगरूआ की झाडी लगाई जाएगी।
स्वयंसेवी, सामाजिक संगठनो, समितियो ने लिया संकल्प
बैठक में मौजूद स्वयंसेवी संगठनो के सदस्यगणो, सामाजिक संगठनो के प्रतिनिधि गणो, नर्मदा सेवा समिति, प्रस्फुटन समिति के सदस्यगणो व ग्राम पंचायतो के सरपंच एवं सचिवो ने संकल्प लिया कि वे रिपेरियन जोन में पौधा, घास, झाडियां लगाकर नर्मदा नदी का जलस्तर बढाकर उसे प्रदुषण से मुक्त कराने में अपनी महत्ती भूमिका निभाएगे।
बैठक में कलेक्टर श्री अविनाश लवानिया, लायंस क्लब की माया नरोलिया, प्रो। जयबाला निगम, पं। गजानन तिवारी, पं। स्वामी नारायण, जिला पंचायत के मुख्य कार्य पालन अधिकारी श्री पी।सी। शर्मा, प्रो। व्यास, विधायक प्रतिनिधि सिवनीमालवा श्री सुधीर पटेल, जनपद पंचायत सिवनीमालवा के उपाध्यक्ष राहुल पटेल, समाजसेवी श्री अनिल अग्रवाल, प्रस्फुटन समिति के सदस्यगण, जन अभियान परिषद के संयोजक कौशलेष तिवारी, नर्मदा संरक्षण समिति व नर्मदा सेवी समिति के सदस्यगण, रोटरी क्लब के पदाधिकारी, अधिकारी एवं कर्मचारीगण मौजूद थे।

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