वैन कमर्शियल होगी तभी स्कूलों में चल सकेंगी

बैठक में दी वाहन संचालकों को नियमों की जानकारी
इटारसी। क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी ने गुरुवार को जिला मुख्यालय पर वैन और स्कूली बस संचालकों की बैठक लेकर नये नियमों से अवगत कराया। वैन और बस संचालकों और चालकों को स्पष्ट कर दिया है कि वे नियमों का अच्छी तरह से अध्ययन कर लें तथा जो कमियां हैं, उनकी पूर्ति 24 जून के पहले कर लें। 24 जून से जिलेभर में चैकिंग अभियान चलाया जाएगा और जो नियम के वितरीत मिलीं, उन पर कार्रवाई की जाएगी।
आरटीओ ने गुरुवार को जिलेभर के स्कूली वाहन संचालकों की बैठक लेकर उनको वैन और बस संबंधी हाईकोर्ट के निर्णय का हवाला देकर नियम पालन करने को कहा है। आरटीओ मनोज तेहनगुरिया ने स्पष्ट किया है कि नियमों का पालन करते हुए यदि वाहन नहीं मिले तो सख्त कार्रवाई की जाएगी। बैठक में वैन चालकों को राहत मिली है। दरअसल, शासन के सख्त निर्देश हैं कि वैन का संचालन स्कूली बच्चों के लिए नहीं किया जाएगा। लेकिन राहत की बात यह है कि यदि वैन कमर्शियल है तो वह टैक्सी की श्रेणी में आ जाएगी और इसका उपयोग स्कूली वाहन के तौर पर किया जा सकता है। आरटीओ ने वैन संचालकों को निर्देश दिये हैं कि वे अपने वाहनों का कमर्शियल पंजीयन करा लें और टैक्स जमा कर दें तभी आगे से स्कूलों के लिए वे वाहन चला सकेंगे। इसके अतिरिक्त उनको स्कूली वाहन संबंधी सभी नियमों का सख्ती से पालन करना होगा।

12 वर्ष तक के बच्चे आधी सवारी माने जाएंगे
यदि बच्चे 12 वर्ष या उससे कम हैं तो उनको आधी सवारी माना जाएगा। हाईकोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ के आदेश हैं जिसमें वैन में 12 वर्ष तक के 14 बच्चों को बिठाने की अनुमति होगी। वैन संचालकों को वैन को टैक्सी की तरह चलाने के लिए कमर्शियल परमिट और फिटनेस सर्टिफिकेट लेना होगा। लेकिन, पंद्रह वर्ष से अधिक पुरानी वैन को यह परमिट नहीं मिलेगा। वेन में फस्ट एड बाक्स और फायर एक्सटिंग्युशर लगाना भी जरूरी होगा। कुल जमा जो वैन संचालक शर्तें पूरी करते हैं उनको ही परमिट जारी किये जाएंगे। वैन और बस संचालकों को 24 जून से पहले सारी औपचारिकताएं पूरी करनी होंगी तभी ये वाहन सड़क पर ला सकेंगे।

इनका कहना है…!

आज स्कूल बस और वैन संचालकों की एक बैठक ली गयी है। उच्च न्यायालय के निर्देशों की सभी को जानकारी दी गई है और कहा है कि वे सारे नियम ध्यान से पढ़कर अपने वाहनों को उसके अनुरूप कर लें। जहां तक वैन की बात है तो उनको अपनी वैन को कमर्शियल कराना होगा तभी वे चला सकेंगे।
मनोज तेहनगुरिया आरटीओ

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