शहर के दोनों तालाबों के विकास का सामूहिक प्रयास होगा

शहर के दोनों तालाबों के विकास का सामूहिक प्रयास होगा

नर्मदांचल जल अभियान की बैठक
इटारसी। जल संरक्षण के लिए कार्यरत नर्मदांचल जल अभियान की एक बैठक गुरुवार को सराफा बाजार में हुई, जिसमें सदस्यों ने इस वर्ष जल संरक्षण के लिए काम करने अनेक सुझाव रखे। इस वर्ष खेड़ा स्थित तालाब के सौंदर्यीकरण और तटबंध को मजबूत बनाने पर जोर दिया गया तो शहर के बीच में स्थित इटारसी सरोवर की सफाई और जलभरण के लिए सुझाव आये।
नर्मदांचल जल अभियान के सदस्य यज्ञदत्त गौर ने सबसे पहले सभी सदस्यों को पिछले वर्ष किये कार्यों में मिली सफलता के लिए बधाई दी। उन्होंने प्रस्ताव रखा कि इस वर्ष खेड़ा तालाब पर सफाई, तटबंध की मजबूती और सौंदर्यीकरण पर काम किया जाए। उनके इस प्रस्ताव का सभी ने समर्थन किया। बैठक में इन तीनों विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। चर्चा में दो बातें मुख्य तौर पर आयी कि या फिर सफाई कार्य ठेके पर दिया जाये या फिर श्रमदान से हो। इस पर परमीत सिंघ रिंकू भाटिया ने कहा कि तालाब के आसपास के गोडाउन संचालकों से आर्थिक सहयोग लेकर तालाब की सफाई और अन्य कार्य कराये जाने चाहिए। इसके लिए एक टीम गोडाउन संचालकों से बात करेगी।
कन्हैया गुरयानी ने कहा कि तटबंध की मजबूती के लिए इंजीनियर्स की मदद ली जाए। दरअसल तालाब अभी नब्बे फीसद भरा है। वर्षाकाल में तटबंध कुछ जगह से कमजोर दिखाई दिया था, उसे मजबूत करना जरूरी है। इसमें मिट्टी से भराव जरूरी है। अजय राजपूत ने कहा कि यह ग्राम पंचायत सोनासांवरी के अंतर्गत आता है और औद्योगिक क्षेत्र विकसित करने के समय जिला उद्योग को इस स्थान को विकसित करने को दिया गया था। हमें पंचायत से बातचीत करके इसमें सहयोग लेना चाहिए। यदि कोई स्थानीय संगठन या समूह रुचि दिखाये तो उनके माध्यम से यहां विकास कार्य किये जाएं।
मंगेश यादव ने कहा कि सबसे पहले इसमें सुरक्षा के लिए फैंसिंग करना जरूरी है। इसके लिए सांसद और विधायक निधि भी मांगी जा सकती है। तय हुआ कि इसके लिए सांसद उदयप्रताप सिंह और विधायक डॉ. सीतासरन शर्मा से मिलकर उनसे निधि मांगी जाएगी। सबसे पहले इसके तटबंध की मजबूती के लिए मिट्टी की व्यवस्था पर भी चर्चा की गई।
शहर के मध्य बने इटारसी सरोवर की सफाई पर चर्चा के दौरान कन्हैया गुरयानी ने कहा कि इसके लिए नगर पालिका अधिकारियों से बात की जाएगी। यज्ञदत्त गौर ने सुझाव दिया कि इसमें आर्थिक व्यवस्था नगर पालिका से करायी जाए और किसी प्रायवेट एजेंसी से इसकी सफाई करायी जाए। सत्यनारायण मालवीय ने जल संरक्षण के लिए सीवर लाइनों का तकनीकि उपयोग करने का सुझाव दिया।

जलभरण पर रणनीति
तालाब के पश्चिमी हिस्से में कुछ बड़े भवन और काम्पलेक्स हैं, इनकी छतों का पानी तालाब में उतारने के प्रयास किये जाएंगे। तालाब के समानांतर पाइप लाइन बिछाकर इन भवनों और काम्पलेक्स की छत से पाइप लाइनों के माध्यम से पानी लाकर इस पाइप लाइन में लाया जाएगा और इस मुख्य पाइप लाइन से साफ करके तालाब में उतारा जाएगा। कुछ काम्पलेक्स और भवन मालिकों ने इसके लिए सहमति भी दे दी है। बैठक में इन निर्णयों पर जल्द से जल्द अमल करने पर सहमति बनी। इस अवसर पर रोहित नागे, अरविंद शर्मा, रिंकू भाटिया, प्रदीप रैकवार, उमेश मालवीय, प्रकाश दुबे, मनोज मालवीय, सचिन डीमू बैस सहित अन्य सदस्य उपस्थित थे।

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Narmadanchal

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