शासन के आदेश : सात दिन में अवैध होर्डिंग हटाए जाएंगे

इटारसी। शहर में लगे किसी भी प्रकार के अवैध होर्डिंग अब हटाए जाएंगे। राज्य शासन से निर्देश हैं कि होर्डिंग में चाहे मुख्यमंत्री के चित्र हों या अन्य किसी भी मंत्री या नेता के। यदि वह अवैध होर्डिंग है तो उसे सख्ती से हटाया जाए। चाहे सामाजिक आयोजन के हों या धार्मिक संस्था के। सभी प्रकार के अवैध होर्डिंग्स को अब हटाने के निर्देश हैं। प्रदेश के मुख्य सचिव एसआर मोहंती ने यह आदेश सभी कमिश्रर्स और कलेक्टर्स को दिये हैं। अधिकारियों का कहना है कि इटारसी नगर पालिका को फिलहाल आदेश नहीं मिले हैं। आदेश मिलते ही उसका पालन किया जाएगा। फिलहाल अपने रिकार्ड में वैध होर्डिंग्स की सूची को देखा जा रहा है, ताकि आदेश मिलते ही तत्काल कार्रवाई की जा सके।

ये हैं, होर्डिंग्स संबंधी आदेश
शहरों की सुंदरता में दाग लगाने वाले अवैध होर्डिंग, कटआउट, गेंट्री, बैनर-पोस्टर सात दिन के अंदर हटाए जाएंगे। फिर चाहे वे मुख्यमंत्री, मंत्री, अन्य नेता आदि के स्वागत, धार्मिक, सामाजिक संस्था या किसी भी आयोजन के हों। ये निर्देश मुख्य सचिव एसआर मोहंती ने सभी संभागायुक्तों और कलेक्टरों को दिए हैं। शहर में अवैध होर्डिंग्स लगाने का सिलसिला थमने की बजाय बढ़ रहा है। एक तरफ जहां नगर पालिका को हर साल लाखों रुपए के राजस्व का नुकसान हो रहा है, वहीं दूसरी तरफ इन अवैध होर्डिंग्स के सहारे राजनीतिक दल के नेताओं की सियासत भी खूब चमक रही है।

केबिनेट ने दी है मंजूरी
नेताओं के जन्मदिन, आगमन पर स्वागत व अभिनंदन के विज्ञापनों पर रोक लगाने के लिए कैबिनेट ने आउटडोर विज्ञापन नियम-2017 और संपत्ति विरूपण अधिनियम-1994 के प्रावधानों को और कड़ा करते हुए उसका पालन करने की मंजूरी दी है। शासन के संज्ञान में आया था कि इस तरह के विज्ञापन नियमों का उल्लंघन करते हुए अवैध रूप से लगाए जा रहे हैं, जो ट्रैफिक में बाधा के साथ शहर के सौंदर्य को प्रभावित कर रहे हैं।

अब अनुमति लेनी होगी
संभागायुक्तों, कलेक्टरों, नगर निगम आयुक्तों को सामान्य प्रशासन की ओर से दिशा निर्देश जारी करने का प्रस्ताव कैबिनेट में लाया गया था, जिसे स्वीकृति मिली है। इसमें कलेक्टर से आउटडोर विज्ञापन के लिए अनुमति लेना होगी। उन्हें जुर्माना करने के अधिकार दिए हैं। कोई भी विज्ञापन बिना अनुमति के नहीं लग सकेंगे। यदि ऐसा कोई विज्ञापन लगता है तो संबंधित नगरीय निकाय के अधिकारी-कर्मचारी उसे हटाएंगे। लापरवाही बरतने पर उनके खिलाफ कार्यवाही होगी।

कलेक्टर करेंगे चर्चा
कलेक्टर ट्रैफिक व शहर के सौंदर्य को प्रभावित करने वाले होर्डिंग, बैनर-पोस्टर के बारे में जनप्रतिनिधियों व प्रबुद्धजन से चर्चा भी करेंगे और उन्हें इसके नियमों की जानकारी देंगे। इन्हीं प्रावधानों के तहत कार्यवाही के लिए सीएस ने पत्र लिखकर निर्देश दिए हैं। साथ ही चेतावनी दी है कि इस कार्यवाही के लिए अधिकारी व्यक्तिगत रूप से जिम्मेदार होंगे।

अनुमति संबंधी नियम
नियमानुसार नगर पालिका जिस कंपनी या संस्थान को होर्डिंग लगाने की अनुमति देती है, उसे एक रजिस्ट्रेशन नंबर भी जारी किया जाता है। इस रजिस्ट्रेशन नंबर के साथ होर्डिंग का साइज और दिनांक होर्डिंग पर लिखना अनिवार्य होता है। इस रजिस्ट्रेशन और दिनांक से ही वैध होर्डिंग की पहचान की जा सकती है, लेकिन शहर में किसी भी होर्डिंग्स पर इस तरह की जानकारी अंकित नहीं है। जाहिर है कि होर्डिंग लगाने की अनुमति लेने वाले भी नियमों का पालन नहीं कर रहे हैं। हैरानी की बात तो यह है कि जिम्मेदार अधिकारियों को इन सबकी जानकारी भी है, लेकिन अधिकांश होर्डिंग्स में राजनैतिक दलों के नेताओं की फोटो लगी होने के कारण अधिकारी कार्रवाई करने से डरते हैं।

इनका कहना है…!
अभी हमारे पास ऐसे कोई आदेश नहीं आये हैं। लेकिन हम शहर के अवैध होर्डिंग हटाने की कार्यवाही करेंगे। हम रिकार्ड में पता करते हैं कि कितने होर्डिंग के लिए राशि जमा है। इनके अलावा सभी होर्डिंग हटाए जाएंगे।
हरिओम वर्मा, सीएमओ

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