शेर की दहशत, दो जिले के सीमावर्ती ग्रामीण परेशान

दिखे शेर के पैरों के निशान 

दिखे शेर के पैरों के निशान 
प्रमोद गुप्ता, सारणी पाथाखेड़ा सेपाथाखेड़ा ।  बैतूल और छिंदवाड़ा जिले की सीमा पर रहने वाले एक दर्जन गांव के लोग विगत १५ दिनों से दहशत में जी रहे है। बताया जाता है कि लोनिया पंचायत के दानवा, बाकुड़ी, मारेगांव में एक शेर आतंक मचा रखा है। कई गाय को अपना शिकार भी बना रखा है। दमुआ रेंज और सारनी रेंज के वन विभाग के अधिकारी संयुक्त रूप से गश्ती करके शेर की तलाश में जुटे हुए है। शेर के बैतूल और छिंदवाड़ा जिले की सीमा के आसपास के गांव में घूमने की वजह से ग्रामीण शाम पांच बजे के बाद अपने घरों से बाहर नहीं आ रहे हैं। दिन में भी ग्रामीण यदि जंगल जा रहे है तो सामूहिक रूप से जा रहे है। गांव के रूपलाल धुर्वे की माने तो शनिवार के दिन शेर को जंगल में घूमते देखा गया है। जिसकी सूचना वन विभाग के अधिकारियों को दी गई है। विगत १५ दिनों से गांव के लोग दहशत भरे माहौल में जी रहे है। जैसे-तैसे गांव के लोगों का भय कम हुआ था कि शनिवार शाम को दोबारा शेर के दिखने से ग्रामीणों में दहशत का माहौल उत्पन्न हो गया है।

पूर्व में दी जा चुकी है सूचना
ग्रामीणों के मुताबिक छिंदवाड़ा के दमुआ और बैतूल के उत्तर वन मंडल सारनी में कई बार शिकायतें की जा चुकी है। वन विभाग के माध्यम से एक या दो बार जंगलों में सर्चिंग की गई है। उसके बाद सर्चिंग करने का कार्य बंद कर दिया है। शनिवार शाम को दोबारा शेर को देखे जाने से ग्रामीणों में दहशत का माहौल बना हुआ है। तो रविवार के दिन साप्ताहिक बाजार में आने से ग्रामीण डर रहे थे। यदि वन विभाग के माध्यम से शेर को पकडऩे की कोई व्यवस्था नहीं की तो इसके गलत परिणाम ग्रामीणों को झेलना पड़ सकता है।

इनका कहना है…!
ग्रामीणों के माध्यम से १५ दिन पूर्व शेर को देखे जाने की सूचना मिली थी। शेर के माध्यम से गांव के कुछ मवेशियों का शिकार भी किया गया है। दो दिन से दोबारा शेर देखे जाने सबंधित जानकारी मिल रही है। दमुआ और सारनी वन विभाग के माध्यम से संयुक्त सर्चिंग का कार्य शुरू किया जाएगा।
विजय बारस्कर, उत्तर वन मंडल अधिकारी सारनी

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