इटारसी। बैंक आफ इंडिया ने आज प्रतिभूतीकरण और वित्तीय आस्तियों का पुनर्गठन और प्रतिभूति हित को प्रभावी करने का अधिनियम 2002 (सरफेसी) के तहत एमईएस के पास एक स्थित ऋणधारक के मकान पर कब्जा किया। अरुण पाठक नामक मकान मालिक ने बैंक आफ इंडिया से अक्टूबर 2005 में पांच लाख का लोन लिया था और बैंक द्वारा 2011 से लगातार नोटिस दिया जा रहा था, लेकिन ऋणधारक की ओर से संतोषजनक प्रतिउत्तर नहीं मिल रहा था।
आज दोपहर तहसीलदार आईएएस संस्कृति जैन ने बैंक अधिकारियों और बैंक के अधिवक्ता के साथ पहुंचकर मकान पर कब्जा दिलाया। सुश्री जैन ने बताया कि सरफेसी एक्ट के तहत कलेक्टर की ओर से आदेश मिलने के बाद बैंक को इस मकान पर कब्जा दिलाया है। बैंक की ओर से मकान की दीवार पर कब्जा सूचना भी अंकित कराई है कि यदि कोई उक्त संपत्ति से संबंधित लेनदेन करे तो इसके पूर्व बैंक से अवश्य संपर्क करे।
सरफेसी एक्ट के तहत मकान पर बैंक का कब्जा

Manju Thakur
मंजू ठाकुर वरिष्ठ पत्रकार एवं Narmadanchal.com के संस्थापक-संपादक हैं। वे वर्ष 2004 से नर्मदांचल क्षेत्र और मध्य प्रदेश की स्थानीय, सामाजिक, प्रशासनिक एवं जनहित से जुड़ी खबरों का संपादन और प्रकाशन कर रहे हैं। उन्होंने बरकतउल्लाह विश्वविद्यालय, भोपाल से संस्कृत में स्नातकोत्तर, माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में स्नातक तथा डॉ. हरिसिंह गौर विश्वविद्यालय, सागर से लोक प्रशासन में स्नातकोत्तर उपाधि प्राप्त की है। पत्रकारिता के साथ-साथ वे डिजिटल मीडिया, समाचार संपादन एवं सूचना प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में भी अनुभव रखते हैं। उनका उद्देश्य पाठकों तक सटीक, निष्पक्ष और विश्वसनीय समाचार पहुँचाना है।
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