सवारी को सीट नहीं देते हैं बस कंडक्टर

सवारी को सीट नहीं देते हैं बस कंडक्टर

इटारसी। यदि आप इटारसी से केसला के सफर पर हैं, तो आपको बस में सीट मिल जाएगी इसकी कोई गारंटी नहीं है। इस रोड पर चलने वाली बसों में कंडक्टर लंबी दूरी के यात्रियों को बिठाने के लिए केसला के यात्रियों को सीट से उठाकर जलील कर देते हैं। यदि कोई यात्री इसका विरोध करे तो उसे बस से भी बीच में कहीं भी उतार देते हैं।
इटारसी से केसला जाने वाले यात्रियों की इस पीड़ा को उजागर किया है, केसला के एक युवा ने। राजीव बामने नामक इस युवा सामाजिक कार्यकर्ता ने आज कलेक्टर की जन सुनवाई में यह शिकायत की है कि इटारसी से केसला और सुखतवा तक की यात्रा करने वाले बुजुर्ग, महिला और बीमार यात्रियों तक को ये बस कंडक्टर नहीं छोड़ते हैं और उनको भी सीट नहीं देते हैं। विरोध करने पर न सिर्फ अभद्रता की जाती है बल्कि कई बार तो बस से भी उतार देते हैं। बस के एजेंट और कंडक्टर बसों में दादागिरी से पेश आते हैं। श्री बामने ने अपनी शिकायत में बताया कि इटारसी से केसला की दूरी महज बीस किलोमीटर है, जिसका 20 रुपए किराया वसूल किया जाता है।
इस बीच यदि शाहपुर या बैतूल की कोई सवारी बस में आ जाए तो ये लोग केसला के यात्रियों को सीट छोडऩे को मजबूर करते हैं, यदि कोई नहीं उठे तो अपमानित करके जबरदस्ती उठाते हैं। किसी यात्री ने इनसे बहस की तो ये दादागिरी दिखाकर उक्त यात्री को बस से उतार देते हैं। जब यात्री से पूरा पैसा लिया जाता है तो उसे पूरे सम्मान से यात्रा करने का अधिकार मिलना चाहिए। श्री बामने ने जिला प्रशासन से अनुरोध किया है कि बस कंडक्टरर्स एवं एजेंटों के बर्ताव में सुधार के लिए संबंधित विभाग के अधिकारियों को आदेशित करें ताकि भविष्य में कोई बड़ा विवाद न हो।

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