सावन में भोले की भक्ति, भक्तों ने नर्मदा जल से अभिषेक किया

इटारसी। सावन का महीना चल रहा है जो भोले की भक्ति का मुख्य माह माना जाता है। श्रावण का सोमवार भोले के भक्तों के लिए खास होता है और इस दिन शिवालयों में नर्मदा के जल से भगवान का अभिषेक होता है। कांवड़िए नर्मदा जल लेकर शिवालय पहुंचते हैं। आज सावन सोमवार को भी सैंकड़ों कांवडिय़ों ने शिवालयों में भगवान शिव का नर्मदा जल से अभिषेक किया।
शिवशक्ति सेवा समिति बजरंग पुरा नाला मोहल्ला के सदस्यों ने कांवड़ में नर्मदा जल लाकर भगवान का जलाभिषेक और हवन किया। बजरंगपुरा के शंकर मंदिर की शिवशक्ति सेवा समिति द्वारा प्रात: पांच बजे सेठानी घाट होशंगाबाद से नर्मदा जल भरकर कांवड़ यात्रा निकाली और कांवड़िए करीब चार घंटे में पदयात्रा कर इटारसी पहुंचे। यहां जयस्तंभ चौक पर पदयात्रियों का स्वागत किया। यहां से कांवडिय़े मंदिर पहुंचे जहां महिलाओं ने कांवडिय़ों को तिलक लगाकर स्वागत किया। इसके बाद सभी ने नर्मदा जल से भगवान का अभिषेक किया। इस अवसर पर पार्षद राकेश जाधव, मंदिर समिति के मनोज यादव, नीलेश पाराशर, सुधीर मौर्य भी उपस्थित थे।


भीलाखेड़ी से पहुंचे कांवडिय़े
सावन सोमवार को ग्राम भीलाखेडी के ग्रामीणों ने भी जमानी से 3 किलोमीटर दूर तिलक सिंदूर शंकर भोलेनाथ की गुफा में कावडिय़ों ने भगवान का नर्मदा जल से अभिषेक किया। यहां सावन सोमवार को दूर-दूर से भक्त आते हैं जो पैदल यात्रा कर नर्मदा नदी से जल भरकर भगवान भोलेनाथ का अभिषेक करते हैं। तिलक सिंदूर में नर्मदा जल से अभिषेक करने भीलाखेड़ी से होने वाली कावड़ यात्रा का यह तीसरा वर्ष था। यात्रा संयोजक जितेंद्र सोलंकी ने बताया है कि आसपास के ग्रामीण लोग मिलकर सावन के दूसरे सोमवार को भोलेनाथ का अभिषेक करने यहां आते हैं। तिलकसिंदूर में लगने वाले श्रावण मेले में सुरक्षा व्यवस्था के लिए पथरोटा थाना की पूरी टीम एवं आदिवासी सेवा समिति तिलक सिंदूर के सदस्य कड़ी मेहनत करते हैं।


राम-जानकी मंदिर में पूजन
श्रावण मास के द्वितीय सोमवार से राम जानकी मंदिर में भूत भावन भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंग का पार्थिव स्वरूप में पूजन किया जा रहा है। यह कार्यक्रम आचार्य पंडित विकास शर्मा के मार्गदर्शन में आचार्य संजय शास्त्री मंदिर के महंत विनोद शर्मा, मोहित पांडे, शैलेंद्र दुबे, रोहित पांडे आदि विद्वानों द्वारा सविधि संपन्न किया जिसमें प्रथम दिवस में सोमनाथ ज्योतिर्लिंग का निर्माण कर विविध उपचारों द्वारा पूजन अर्चन महाभिषेक संपन्न किया। यह अद्वितीय कार्यक्रम 12 दिनों तक सतत प्रारंभ रहेगा इसमें नगर के अलावा ग्रामीण अंचलों से भी श्रद्धालुओं ने आकर पूजन दर्शन लाभ अर्जित किया।


महिलाओं ने किया शिव का जलाभिषेक
माता मंदिर ग्राम तारारोड़ा से तिलक सिंदूर तक जल अभिषेक कावड़ यात्रा निकाली गई। इस कांवड़ यात्रा में गांव की सैंकड़ों महिलाएं शामिल हुईं।
श्रावण मास के पावन अवसर पर ग्राम तारारोड़ा की सैंकड़ों महिलाएं यहां के माता मंदिर परिसर में प्रात:काल एकत्र हुई यहां एक दिन पूर्व से ही लेकर आए नर्मदा जल को कांवड़ में भरकर सबको सौंपा गया। यहां से कांवडि़ए शिवधाम तिलकसिंदूर के लिए निकलीं। यहां सभी ने भगवान शिव का जल अभिषेक किया। तिलकसिंदूर में श्रद्धालुओं के लिए भंडारे का आयोजन भी किया गया था। इस धार्मिक यात्रा को सफल बनाने में गांव के मुकेश शंभूदयाल पटेल, कुलदीप चौरे, कमलेश चौधरी का प्रमुख योगदान रहा।

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