साहूकारों से पीड़ितों को न्याय दिलाने के दिए निर्देश

संभाग में हो रहा साहूकारी एक्ट का प्रभावी क्रियान्वयन

संभाग में हो रहा साहूकारी एक्ट का प्रभावी क्रियान्वयन
होशंगाबाद। नर्मदापुरम् संभाग कमिश्नर श्री उमाकांत उमराव की विशेष पहल एवं निर्देशों के अनुसार नर्मदापुरम् संभाग के होशंगाबाद, हरदा व बैतूल जिले में अनुविभागीय दण्डाधिकारियों द्वारा साहूकारो के विरूद्ध प्रभावी कार्यवाही की गई है और कार्यवाही करने का सिलसिला निरंतर जारी है। कमिश्नर श्री उमराव के निर्देशों के पश्चात् हुई कार्यवाहियों से साहूकारों के मनमाने रवैये से पीड़ितों को राहत भी मिली है। पीड़ित पक्षकारों की संपत्ति साहूकारों के चंगुल में जाने से भी बची है। इसी उद्देश्य को लेकर शुक्रवार को कमिश्नर श्री उमाकांत उमराव ने सभी अनुविभागीय दण्डाधिकारियों की बैठक ली।
बैठक में उन्होंने सभी अनुविभागीय दण्डाधिकारियो को निर्देश दिए कि वे पंजीकृत साहूकारों से माह की पांच से 15 तारीख के बीच ऋण विवरणी की जानकारी लें। साहूकारों को एक निर्धारित फॉर्मेट में लोन की राशि एवं पक्षकारों के नाम की सूची व लोन के ब्याज की जानकारी देनी होती है। कमिश्नर ने सभी अनुविभागीय दण्डाधिकारियों से कहा कि यदि साहूकार वार्षिक या तुरंत वाली ऋण विवरणी की जानकारी नहीं देता है। तो उसके विरूद्ध कार्यवाही की जाये। जिसमें लाइसेंस निरस्तीकरण, विमुचित व अभियोजन की कार्यवाही सहित 5 हजार का जुर्माना लगाना भी शामिल है।
कमिश्नर ने कहा कि यदि किसी साहूकार ने अपना पंजीयन नहीं कराया है तो उसे अपंजीकृत माना जायेगा। उन्होंने कहा कि यदि किसी लेनदार या पक्षकार की संपत्ति का रजिस्ट्रेशन साहूकार ने करा लिया है तो अनुविभागीय राजस्व अधिकारी उस संपत्ति की रजिस्ट्री निरस्त कर सकते हैं। श्री उमराव ने सभी अनुविभागीय अधिकारियो को निर्देशित किया कि वे उन व्यक्तियों पर विशेष ध्यान केदिं्रत करें जो अपनी संपत्ति से ज्यादा साहूकारों से लोन लिये हुए हैं। साथ ही इस बात को भी संज्ञान में लाया जाये कि किन व्यक्तियों की संपत्ति लोन के कारण बिक गई है या बिकने के कगार पर है।
कमिश्नर ने कहा कि ऐसे व्यक्ति की पीड़ा को धैर्य से सुना जाये और उनकी काउसिलिंग की जाये। उन्होंने कहा कि ऐसे व्यक्तियों के अविवादित नामांतरण के प्रकरण भी सुलझाये जाये। कमिश्नर ने कहा कि पीड़ितों को जिला विधिक सहायता के माध्यम से कानूनी सहायता दी जाये। श्री उमराव ने सभी अनुविभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे म.प्र. समाज के कमजोर वर्गों के कृषि भूमि धारकों का परित्रण एवं मुक्ति अधिनियम 1976 का भी प्रभावी क्रियान्वयन करे।

कमजोर वर्ग अधिनियम में पीड़ितों को किया चिन्हित
मध्यप्रदेश समाज के कमजोर वर्गों के कृषि भूमि धारकों का परित्रण एवं मुक्ति अधिनियम 1976 के तहत अनुविभागीय दण्डाधिकारी होशंगाबाद द्वारा 3 पीड़ितों, पिपरिया द्वारा 2, हरदा द्वारा एक, बैतूल में एक व्यक्ति को चिन्हित किया गया है। होशंगाबाद में 3 प्रकरण, पिपरिया में 2 और बैतूल में एक प्रकरण पंजीबद्ध किये गये हैं। इस संबंध में एसडीएम होशंगाबाद को 3, पिपरिया को एक, बैतूल में एक आवेदन प्राप्त हुये हैं।

पंजीकृत साहूकारों की स्थिति
होशंगाबाद तहसील में 281 पंजीकृत साहूकार हैं। सिवनी मालवा में 54, इटारसी में 25, सोहागपुर में 18, पिपरिया में 76, टिमरनी में 12, बैतूल में 38, मुलताई में 41, भैंसदेही में 6 हैं। वहीं सिवनी मालवा में 23 अपंजीकृत साहूकार हैं। पिपरिया में एक, टिमरनी में 21, बैतूल में 59 हैं। बैतूल में 22 प्रकरणों में कार्यवाही करते हुए साहूकारों पर 11 हजार रूपए का जुर्माना लगाया गया है तथा अधिकांश प्रकरणों में कार्यवाही की जा रही है।
बैठक में एसडीएम होशंगाबाद श्री मनोज उपाध्याय ने बताया कि उनके द्वारा तीन प्रकरण पंजीबद्ध किये गये हैं। 2 पर कार्यवाही भी की जा रही है। कुछ साहूकारों को ऋण विवरणी प्रस्तुत करने का समय भी दिया गया है। कमिश्नर ने कहा कि जो साहूकार लोन संबंधी जानकारी नहीं दे रहे है तो उनका दिया लोन अमान्य हो जायेगा। साहूकार लोन विवरणी की एक प्रति एसडीएम को और एक प्रति पक्षकार को अनिवार्य रूप से देगें और यदि वो ऐसा नहीं करते है तो उनके द्वारा दिया गया लोन अमान्य माना जायेगा।
इटारसी एसडीएम ने बताया कि इटारसी में भी प्रभावी कार्यवाही करने के प्रयास किये जा रहे हैं। कमिश्नर ने निर्देश दिए कि ऐसे लोगों को चिन्हित किया जाये जिनकी संपत्ति हडप ली गई हो।
बैठक में उपायुक्त राजस्व श्री संतोष वर्मा तथा सभी संबंधित अनुविभागीय दण्डाधिकारी मौजूद थे।

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