स्थापना दिवस : प्लास्टिक मुक्त समाज बनाने का संकल्प लिया

इटारसी। नगर पालिका कार्यालय में आज 1 नवंबर को मध्यप्रदेश का स्थापना दिवस नपा के अधिकारी और कर्मचारियों की मौजूदगी में मनाया गया। सुबह 10:35 बजे मुख्य अतिथि नगर पालिका परिषद की अध्यक्ष श्रीमती सुधा अग्रवाल ने राष्ट्रध्वज फहराया। इसके बाद राष्ट्रगान हुआ।
नगर पालिका परिषद की अध्यक्ष श्रीमती अग्रवाल ने मुख्यमंत्री के संदेश का वाचन किया। इसके बाद उन्होंने सभी अधिकारी और कर्मचारियों को मप्र की स्थापना की 63 वी वर्षगांठ की बधाई दी। उन्होंने उपस्थित लोगों को संकल्प दिया कि हम संकल्प लें कि हम अपने प्रदेश को समृद्ध, खुशहाल बनाएंगे। उपयंत्री आशीष देशभरतार ने बताया कि इस वर्ष स्वच्छ सर्वेक्षण में प्लास्टिक मुक्त शहर का कंसेप्ट जोड़ा गया है। उन्होंने बताया कि प्लास्टिक न सिर्फ विनाशक है बल्कि यह जीवन, जीव और पर्यावरण को भी हानि पहुंचाता है। उन्होंने कहा कि प्लास्टिक मुक्त समाज के लिए इस जनअभियान बनाना होगा।
उन्होंने कहा कि हमें डिस्पोजन को दूर से ही नमस्कार करना होगा और कपड़े का झोला अपनाना होगा ताकि हम अपनी आने वाली पीढ़ी का भविष्य सुरक्षित कर सकें। मुख्य नगर पालिका अधिकारी हरिओम वर्मा ने उपस्थित सभी अधिकारी एवं कर्मचारियों को स्वच्छता की शपथ दिलायी। इस अवसर पर गल्र्स स्कूल की छात्राओं ने मध्यप्रदेश गान और वंदेमातरम की प्रस्तुति दी।

स्थापना दिवस पर मिला तोहफा
प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत बीएलसी घटक के जो हितग्राही पहली किश्त मिलने का इंतजार कर रहे थे, उनको नगर पालिका ने मप्र के स्थापना दिवस पर तोहफा दिया है। आज से उन 384 हितग्राहियों के खातों में एक लाख रुपए की राशि की प्रथम किश्त जमा होना प्रारंभ हो गयी है, जिनको कुछ दिन पूर्व स्वीकृति मिली थी। मुख्य नगर पालिका अधिकारी हरिओम वर्मा ने बताया कि 1005 में से जो 384 हितग्राहियों के प्रकरण पास हुए थे उनके खाते में अगले दो दिन में यह राशि जमा हो जाएगी। शेष रहे हितग्राहियों के प्रकरण भी शासन के नये आदेश के अंतर्गत जल्द ही समस्त प्रक्रिया करके स्वीकृत होंगे और उनको भी राशि प्राप्त होने के बाद दी जाएगी।

मानव श्रंखला से लिखा मध्यप्रदेश
जीनियस प्लानेट स्कूल में मध्यप्रदेश के स्थापना दिवस पर बच्चों ने मानव श्रंखला बनाकर 1 नवंबर, मध्यप्रदेश लिखा। कार्यक्रम का आरंभ प्रात: सभा में कक्षा आठवीं, नवमीं व दसवीं के विद्यार्थियों द्वारा संगीतमय मध्यप्रदेश गान से किया। जिसके पश्चात् विद्यालय के सभी विद्यार्थियों ने विद्यालय के खेल प्रांगण में विशाल मानव श्रंखंला बनाकर 1 नवंबर एमपी लिखा। विद्यालय के निदेशकद्वय जाफर सिद्दीकी एवं मनीता सिद्दीकी ने मध्यप्रदेश के इतिहास से संबंधित रोचक प्रसंगों को विद्यार्थियों के साथ साझा किया। विद्यालय प्राचार्य विशल शुक्ला ने मध्यप्रदेश के ऐतिहासिक एवं पर्यटन स्थलों की जानकारी प्रदान की। इस कार्यक्रम को सफल बनाने में विद्यालय के समस्त स्टॉफ का सराहनीय योगदान रहा।

बच्चों ने ली स्वच्छता की शपथ
साईं विद्या मंदिर के बच्चों ने आज मप्र स्थापना दिवस के अवसर पर स्वच्छता की शपथ ली। स्कूल संचालक आलोक गिरोटिया ने बताया कि आज के इस महत्वपूर्ण दिवस के अवसर पर स्कूल शिक्षक टी कश्यप व उषा राजपूत ने बच्चों को बताया कि 64 वे स्थापना वर्ष में प्रविष्ट मप्र में गठन के समय 43 जिले थे जबकि आज यह 52 जिलों से युक्त है।
पांच राज्यों की सीमाओं को स्पर्श करता हमारा मप्र पहले मध्य भारत कहकर संबोधित किया जाता था। सरदार वल्लभ भाई पटैल ने देश और मध्यप्रदेश के हृदय स्थल में स्थित होने के कारण भोपाल को मध्यप्रदेश की राजधानी बनाने का निर्णय लिया। राजधानी बनने के बाद भोपाल को सन् 1972 में जिले का दर्जा प्राप्त हुआ। 1 नवंबर 1956 में अस्तित्व में आये मध्यप्रदेश के प्रथम राज्यपाल डॉ पट्टाभि सीतारमैया थे जबकि पंडित रविश्ंकर शुक्ल स्थापना के बाद मध्यप्रदेश के पहले मुख्यमंत्री हुऐ। इस अवसर पर उपस्थित सभी बच्चों ने राष्ट््रपिता महात्मा गांधी को याद करते हुए उनके स्वच्छता के संदेश को दोहराया और शपथ ली कि न सिर्फ अपने घर आसपास बल्कि अपनी संस्था और कार्यस्थल पर भी गंदगी नहीं होने देंगे।


बच्चों को बताया, कब बना मप्र
सरस्वती उच्चतर माध्यमिक विद्यालय मालवीगंज इटारसी में मध्य प्रदेश स्थापना दिवस मनाया। प्रार्थना सभा में कार्यक्रम के मुख्य वक्ता बृजमोहन सोलंकी ने बताया कि 1 नवंबर 1956 को हिंदुस्तानी शैली जिसमें हिंदी एवं उर्दू भाषा का मिश्रण था, उसके आधार पर देश के सबसे बड़े राज्य की स्थापना की गई जिसकी राजधानी भोपाल को चुना गया। प्रदेश के गौरवशाली इतिहास में उज्जैन के राजा विक्रमादित्य तथा जबलपुर की महारानी दुर्गावती का शासन रहा है। सन् 2000 में प्रशासनिक कारणों के कारण छत्तीसगढ़ को मध्यप्रदेश से अलग कर पृथक राज्य बनाया। प्राचार्य मुकेश शुक्ला ने विद्यार्थियों को शैक्षणिक क्षेत्र में प्रदेश का नाम गौरवान्वित करने हेतु शुभकामनाएं दी। इस अवसर पर आचार्य शैलेष गौर, योगेश शुक्ला, रवि शंकर यादव, देवेंद्र सैनी, राजेंद्र पाल, आरती परदेसी, लता पटेल, शिवकुमारी आदि उपस्थित रहे।


प्रदेश के विकास में योगदान की प्रेरणा
शासकीय कन्या महाविद्यालय में मध्यप्रदेश का 64 वॉ स्थापना दिवस पर बड़ी संख्या में छात्राओं एवं महाविद्यालय के स्टाफ ने राष्ट्रगीत, राष्ट्रगान एवं मध्यप्रदेश गान की प्रस्तुति दी। प्राचार्य ने अपने संबोधन में छात्राओं को शुभकामना के साथ प्रदेश के विकास में अपना योगदान देने के लिए प्रेरित किया। अगली कड़ी में मप्र स्थापना एवं प्रदेश के इतिहास पर एक क्विज का आयोजन भी किया गया। मॉर्निंग असेंबली में आयोजित इस क्विज में छात्राओं ने उत्सापह पूर्वक भाग लिया एवं लगभग सभी प्रश्नों के सही उत्तर देकर अपने सामान्य ज्ञान का प्रदर्शन किया।
कार्यक्रम में डॉ. श्रीराम निवारिया, हरप्रीत रंधावा, मंजरी अवस्थी, आनंद कुमार परोचे, डॉ. शिखा गुप्ताा, डॉ. पुनीत सक्सेना, शिरीष परसाई, डॉ. आशुतोष मालवीय, प्रियंका भट्ट, पुष्पा दवंडे, पूनम साहू, पूनम राय, सुषमा चौरसिया, सोनम शर्मा, महेन्द्रिका मालवीय, सरिता मेहरा, राजेश कुशवाह, हेमंत गोहिया एवं छात्राएं उपस्थित थी।

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