हम पर लगे आरोप राफेल के आरोप समान हैं : यूनियन

इटारसी। रेल कर्मचारी सोसायटी की संचालन समिति के चुनावों को लेकर चुनावी मैदान में उतरे कर्मचारी संगठनों का एकदूसरे पर आरोप लगाने का दौर चल रहा है। अभी रविवार को वेस्ट सेंट्रल रेलवे मजदूर संघ ने पत्रकार वार्ता में वेस्ट सेंट्रल रेलवे एम्पलाइज यूनियन पर गंभीर आरोप लगाए थे तो मंगलवार को दोपहर यूनियन ने पत्रकार वार्ता में सारे आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि ये आरोप बिलकुल वैसे ही हैं जैसे कांग्रेस ने राफेल डील में आरोप लगाए हैं।
लाल झंडा यूनियन के आधिपत्य वाली ईसीसी बैंक में भारी भ्रष्टाचार के आरोप तिरंगे झंडे वाले रेलवे मजदूर संघ ने लगाए थे। मंगलवार को यूनियन ने उसका जवाब दिया। कामरेड कमल शुक्ला ने ईसीसी सोसायटी के 106 वर्ष पुराने इतिहास एवं उससे रेल कर्मचारियों को मिलने वाली सुविधा के संदर्भ में जानकारी दी।
कामरेड शुक्ला ने कहा कि जब-जब चुनाव आते हैं, तब-तब विरोधी यूनियन कई प्रकार के झूठे आरोप लगाती है। विशेषकर मुंबई सोसायटी में 250 करोड़ रुपए के घोटाले को लेकर उन्होंने कहा कि अगर इस आरोप के कोई सबूत हों तो तिरंगा संघ को न्यायालय में जाना चाहिए। यूनियन के मंडल सचिव जावेद खान ने कहा कि जनाधार विहीन वेस्ट सेंट्रल रेलवे मजदूर संघ के भ्रष्टाचार वाले आरोप उस राफेल डील के समान हैं जिसे इनके राजनैतिक दल कांग्रेस के अध्यक्ष ने उठाया था। लेकिन, सुप्रीम कोर्ट ने नकार दिया।
लाल झंडा यूनियन के एक और वरिष्ठ कामरेड जोसेफ ने कहा कि ईसीसी सोसायटी का संचालन हमारी यूनियन इसकी स्थापना के समय से ही कर रही है। प्रत्येक चुनाव में रेल कर्मचारी हम पर ही भरोसा क्यों करते हैं। आरोप लगाने से पहले इस बात पर विरोधी यूनियन को मंथन करना चाहिए। कामरेड प्रीतम तिवारी ने कहा कि हमारे पूर्व मंडल अध्यक्ष अरुण मालवीय पर आरोपी है कि ईसीसी बैंक में उन्होंने अपनी बेटी को नौकरी दिलायी। यह गलत है, उनकी बेटी योग्यता के आधार पर नौकरी लगी है। अन्य नेताओं के बच्चे भी योग्यता के आधार पर ही सोसायटी में नौकरी लगे हैं।
बता दें कि पत्रकार वार्ता में यूनियन के नेताओं में अपनी बात रखने के लिए खींचतान मची रही। सभी एकदूसरे को चुप कराके खुद अपनी बात रखने का प्रयास करते रहे। पत्रकार वार्ता में वे उम्मीदवार भी मौजूद थे जो इस बार यूनियन की तरफ से सोसायटी का चुनाव लड़ रहे हैं।

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