हरियाली अमावस्या : पौधरोपण कर की प्रकृति की पूजा

इटारसी। सावन का महीना प्रकृति में हरियाली और उत्साह का महीना माना जाता है। प्रकृति यानी पृथ्वी जिससे तमाम जीव जंतु और पेड़ पौधे उत्पन्न होते हैं। प्रकृति की पूजा करने ही हरियाली अमावस का दिन तय किया है। प्रकृति की पूजा स्वरूप ही आज के दिन अनेक स्थानों पर पौधरोपण किये गये हैं।
पृथ्वी की संपन्नता उसके वनों से जिससे प्रकृति में संतुलन बना रहता है इसलिए हरियाली अमावस्या के दिन पौधरोपण की परंपरा हमारे पूर्वजों ने स्थापित की है। इसी परंपरा को आज भी पूर्व की तरह निभाया जा रहा है। इस दिन सभी मनुष्य को एक पौधा तो अवश्य लगाना चाहिए। इस दिन वृक्ष लगाने से प्रकृति संतुष्ट होकर मनुष्य को सुख-समृद्धि का आशीर्वाद देती हैं। इसी प्रकृति की सेवा में गुरुवार को नर्मदा जीवनदायिनी 3 अगस्त 2019 को अपने मार्गदर्शक व संरक्षक डॉ राजेश शर्मा के जन्मदिन के अवसर पर नर्मदा हरियाली आंदोलन की शुरुआत करने जा रही है।
इस नर्मदा हरियाली आंदोलन का शुभारंभ कार्यक्रम बृजकिशोर भार्गव, प्रान्त सह प्रमुख, ग्राम विकास, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के मुख्य आतिथ्य में होगा। संस्था के मीडिया प्रमुख मनोज सारन ने बताया कि नर्मदा हरियाली आंदोलन में 3 अगस्त 2019 से 3 अगस्त 2020 के बीच एक वर्ष में संपूर्ण होशंगाबाद जिले में 58000 वृक्ष लगाए जाएंगे। इन वृक्षों को लगाने, पालने और सुरक्षा का दायित्व समाज के सभी वर्ग के लोगों को दिया जाएगा तथा होशंगाबाद जिले के सभी लोगों को इस आंदोलन से जोड़ा जाएगा। श्री सारन ने बताया कि जो भी व्यक्ति हमारे इस आंदोलन से जुडऩा चाहे वो कई प्रकार से अपना योगदान दे सकता है। जैसे पौधरोपण के लिए स्थान देकर, पौधा लगने के बाद उनको जीवित रखने का दायित्व लेकर, अपने परिवार बच्चों व बड़ों के जन्मदिन या अन्य शुभ अवसरों पर संस्था को पौधा दान कर, या कोई एक साथ 1000 पौधा दान कर जंगल लगवाना चाहे तो दान देकर। इन सभी लगाये पौधों का रिकॉर्ड नर्मदा जीवन दायिनी की टीम द्वारा फ़ोटोग्राफ के साथ रखा जाएगा व वृक्ष मित्र हर माह एक नियत स्थान से वृक्षों को फ़ोटो खींच कर संस्था को भेजेंगे। साथ ही हर शुक्रवार नर्मदा जीवन दायिनी की टीम इन पौधों की प्रगति की जानकारी वृक्षारोपण स्थल पर जाकर करेगी। संस्था के प्रमुख डॉ राजेश शर्मा ने होशंगाबाद जिले की जनता से यह आह्वान किया है कि वे अधिक से अधिक संख्या में नर्मदा हरियाली आंदोलन से जुड़ें और हमारे जिले को पूरे देश मे सर्वाधिक हरियाली वाला जिला बनाने में अपना योगदान दें।

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