इटारसी। रबी की फसल पकने को आयी है, लेकिन प्राकृतिक आपदा से खराब हुई फसलों को अब तक सर्वे नहीं होने से किसान परेशान हैं। राजस्व विभाग द्वारा सर्वे में की जा रही इस तरह की अनदेखी से किसान प्रदेश सरकार से खासे नाराज हैं।
किसानों के मुद्दे पर विधानसभा चुनाव में जीतकर सरकार बनाने वाली कांग्रेस से अन्नदाता नाराज है। इस नाराजी की मुख्य वजह है, बेमौसम बारिश से खराब हुई फसलों का अब तक सर्वे नहीं किया जाना। बता दें कि फरवरी माह के अंतिम सप्ताह में इटारसी-होशंगाबाद सहित संपूर्ण नर्मदांचल क्षेत्र में दो-तीन दिनों तक चली तेज हवाओं व रुक-रुककर हुई तेज बारिश के कारण खेतों में लहलहाती गेहूं की फसल का करीब तीस फीसद हिस्सा खराब हो गया था। कुछ क्षेत्रों में तो चालीस से पचास फीसदी फसल आड़ी हो गयी थी। वह फसल अब भी खेतों में इसी तरह से पड़ी है और फसल पकने की स्थिति में आ गया है। माना जा रहा है कि होली के बाद फसल कटने का समय हो जाएगा लेकिन शासन ने अब तक खराब फसलों का सर्वे तक नहीं कराया है। इसे लेकर अन्नदाता में काफी नाराजी देखी जा रही है। किसान गणेश सिंह राजपूत ने अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए बताया कि गेहूं की फसल जैसे इस बार खराब हुई है, वैसे ही पिछले वर्ष भी हुई थी लेकिन शिवराज सरकार ने तत्काल सर्वे कराके फसल कटने से पूर्व हम किसानों को मुआवजा राशि प्रदान कर दी थी। वर्तमान सरकार ने तो सर्वे तक नहीं कराया।
हवा-पानी से आड़ी फसलों का सर्वे नहीं, किसान नाराज
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