हिन्दी दिवस : अनेक शैक्षणिक संस्थानों में हुए आयोजन

इटारसी। आज हिन्दी दिवस के अवसर पर जीनियस प्लानेट स्कूल में भाषा आधारित लघु नाटिका का आयोजन प्रात: सभा में किया गया। इस दौरान में सभी विद्यार्थियों ने अपनी भाषा में ही संवाद सुनाये। हिन्दी, पंजाबी, गुजराती, मारवाड़ी, मराठी, बंगाली एवं अंगे्रजी में विद्यार्थियों ने अपनी मातृभाषा हिन्दी के महत्व को साझा किया।
जीनियस प्लानेट स्कूल में हुए हिन्दी दिवस कार्यक्रम में सोना रॉय एवं संध्या बारवे ने राष्ट्र कवि पं. माखनलाल चतुर्वेदी के जीवन चित्रण, प्रमुख कृतियों एवं कविताओं के बारे में जानकारी दी। विदित हो कि विद्यालय में 9 से 17 सितंबर तक हिन्दी भाषा सप्ताह मनाया जा रहा है। कार्यक्रम को सफल बनाने में विद्यालय स्टाफ का सराहनीय योगदान रहा। कार्यक्रम के अंत में प्राचार्य विशाल कुमार शुक्ला ने सफल कार्यक्रम हेतु सभी विद्यार्थियों एवं स्टाफ को धन्यवाद ज्ञापित किया।


कविता पाठ किया, दोहे भी सुनाए
शासकीय महात्मा गांधी स्मृति स्नातकोत्तर महाविद्यालय के हिन्दी विभाग द्वारा हिन्दी दिवस का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ प्राचार्य डॉ. राकेश मेहता द्वारा दीप प्रज्ज्वलन कर किया गया।
एमजीएम कालेज में हिन्दी दिवस समारोह का संचालन हिन्दी विभागाध्यक्ष डॉ. सोनू चौरे ने किया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि भारत भूषण गांधी सामाजिक कार्यकर्ता का स्वागत डॉ. संगीता साहू एवं छात्र छात्राओं ने किया गया। मुख्य अतिथि ने हिन्दी भाषा के प्रति छात्र-छात्राओं को जागरूक किया तथा छात्र-छात्राओं को हिन्दी की महत्ताओं को समझाया। डॉ. ओपी शर्मा ने राष्ट्र भाषा के रूप में हिन्दी भाषा का महत्व एवं उपयोगिता को रेखाकित किया। डॉ. राकेश मेहता ने हिन्दी के उच्चारण एवं देवनागरी लिपि के विषय में बताया। खुशबू विश्वकर्मा, रविकांत भगोरिया, वर्षा सोलंकी, रिंकी मर्सकोले आदि ने कविता पाठ किया तथा सरला, सुषमा ने गीत प्रस्तुत किया। रवीन्द्र ककोडिय़ा एवं पिं्रस पटेल ने दोहे सुनाए।


हिन्दी का उपयोग सराहनीय
शासकीय कन्या महाविद्यालय, इटारसी में हिन्दी विभाग ने हिन्दी दिवस पर कार्यक्रम का आयोजन किया। अध्यक्षता प्राचार्य डॉ. कुमकुम जैन ने की।
शासकीय कन्या महाविद्यालय में हिन्दी दिवस के अवसर पर छात्राओं को हिन्दी के महत्व की जानकारी दी। अंग्रेजी की प्राध्यापक हरप्रीत रंधावा ने हिन्दी की वर्तमान स्थिति की चर्चा करते हुए बताया की 1949 में हिन्दी को संविधान में राजभाषा बनाने का प्रावधान किया था, किन्तु वह पूरी तरह आज तक संभव नहीं हो सका। डॉ. आरएस मेहरा ने बताया कि आज कल संसद में सांसदों द्वारा हिन्दी का अधिक से अधिक उपयोग किया जाने लगा है, जो एक सराहनीय कदम है।
हिन्दी विभागाध्यक्ष डॉ. श्रीराम निवारिया ने हिन्दी को एक सरल, सटीक एवं समर्थ भाषा बताया। ऐसी विशेषताओं से युक्ति होने के कारण महात्मा गांधी, सुभाष चन्द्र बोस, पुरूषोत्तम दास टंडन, मदन मोहन मालवीय और दक्षिण भारतीय चिंतकों ने हिन्दी को ही राष्ट्रीय भाषा बनाने की आवश्यकता पर जोर दिया। अध्यक्षीय उद्बोधन में प्राचार्य डॉ. कुमकुम जैन ने बताया कि हिन्दी सीखने में मस्तिष्क का संपू्र्ण भाग का उपयोग होता है, जो बौद्धिक विकास की प्रक्रिया का प्रमुख चरण है। कार्यक्रम का सफल संचालन करते हुए भौतिक शास्त्र विभागाध्यक्ष शिरीष परसाई ने हिन्दी को वैज्ञानिक दृष्टि से परिपूर्ण एवं जनमानस की भाषा बताया। कार्यक्रम में डॉ. संजय आर्य, डॉ. पुनीत सक्सेेना, श्रीमती प्रियंका भट्ट, सुषमा चौरसिया, कामधेनु पटोदिया, सरिता मेहरा, राजेश कुशवाह और छात्राएं उपस्थित थी।

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