नर्मदापुरम। अखिल विश्व गायत्री परिवार, शांतिकुंज हरिद्वार (शाखा नर्मदापुरम) द्वारा आज राष्ट्र की भावी पीढ़ी को भारतीय मूल्यों से जोडऩे के लिए उल्लेखनीय योगदान देने वाले शिक्षकों को सम्मानित किया गया। इस विशेष कार्यक्रम में जिले की लगभग 126 विभिन्न शिक्षण संस्थाओं के शिक्षकों और शिक्षिकाओं को ‘भारतीय संस्कृति दूत गौरव सम्मान’ से सम्मानित किया ।
शिक्षा के माध्यम से सांस्कृतिक मूल्यों का प्रसार
यह सम्मान उन शिक्षकों को दिया, जिन्होंने भारतीय सांस्कृतिक, नैतिक और राष्ट्रीय मूल्यों को विद्यार्थियों तक पहुंचाने के लिए महत्वपूर्ण प्रयास किए। यह कार्यक्रम विचार क्रांति अभियान को सफल बनाने में उनके सराहनीय योगदान को मान्यता देता है।
भारतीय संस्कृति ज्ञान परीक्षा का आयोजन
कार्यक्रम में भारतीय संस्कृति ज्ञान परीक्षा के संयोजक चंद्र मोहन गौर ने बताया कि यह परीक्षा कक्षा 5 से लेकर महाविद्यालय स्तर तक आयोजित की जाती है। इस वर्ष यह परीक्षा 11 नवंबर, 2025 को होगी, जिसमें जिले के सभी स्कूल और कॉलेज के छात्र-छात्राएं हिस्सा लेंगे।
प्रमुख अतिथियों की उपस्थिति
सम्मान समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में भोपाल जोन समन्वयक राजेश पटेल, प्रांतीय सह-समन्वयक रामचंद्र गायकवाड़, प्रांतीय सह-संयोजक केएल. पटेल और जिला समन्वयक अनुराग मिश्रा उपस्थित थे। तहसील समन्वयक यूके सिंह ने सभी शिक्षकों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वे भारतीय संस्कृति के प्रचार-प्रसार में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं और उनसे भविष्य में भी इसी तरह का सहयोग जारी रखने की आशा है।
कार्यक्रम का संचालन सुरेश कोरडे ने किया। इस दौरान गायत्री परिवार के सक्रिय सदस्य भी उपस्थित रहे, जिनमें तुलसीराम बावरिया, परशुराम बटोरिया, बसंत मालिया, संतोष यादव, वरुण सिंह, दीप्ति गोहिया, आरती गौर, और अन्य शामिल थे।








