केसला में सिकल सेल एनीमिया स्वास्थ्य शिविर में 158 नागरिकों की हुई जांच

केसला में सिकल सेल एनीमिया स्वास्थ्य शिविर में 158 नागरिकों की हुई जांच

  • शत प्रतिशत जांच कराने वाली पंचायतें सम्मानित

इटारसी। विश्व सिकल सेल दिवस (World Sickle Cell Day) के अवसर पर केसला (Kesla) के मंगल भवन (Mangal Bhawan) में आयोजित कार्यक्रम में सिकल सेल एनीमिया स्वास्थ्य शिविर (Sickle Cell Anemia Health Camp) में 158 नागरिकों की जांच हुई। इस दौरान शत प्रतिशत जांच कराने वाली पंचायतों को सम्मान भी किया गया। कार्यक्रम के दौरान उपराष्ट्रपति तथा राज्यपाल का डिंडोरी जिले (Dindori District) के कार्यक्रम का सीधा प्रसारण नर्मदापुरम जिले (Narmadapuram District) की स्वास्थ्य संस्थाओं एवं ग्राम पंचायत भवनों में देखा गया।

आदिवासी विकासखण्ड केसला के मंगल भवन में कलेक्टर सोनिया मीना (Collector Sonia Meena) के मार्गदर्शन में जिला पंचायत सदस्य ज्योति पटेल (Jyoti Patel), विधायक प्रतिनिधि बृजकिशोर पटेल (Brijkishore Patel), जनपद पंचायत अध्यक्ष गंगाराम कलमे (Gangaram Kalme), सरपंच केसला धनिया बाई (Dhania Bai), सीईओ जिला पंचायत एसएस रावत (SS Rawat), डिप्टी कलेक्टर बबीता राठौर (Babita Rathore), सीएमएचओ डॉ.दिनेश देहलवार (Dr. Dinesh Dehalwar), सीबीएमओ डॉ.आरएस मीना, बीएमओ डॉ.सपन गोयल, सीईओ जनपद पंचायत रंजीत ताराम, सीडीपीओ योगेश घाघरे, बीईओ आशा मौर्य, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र सुखतवा के ब्लॉक स्तरीय अधिकारी एवं समस्त स्टाफ की उपस्थिति में विशाल जिला स्तरीय सिकल सेल एनिमिया परीक्षण स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया। शिविर में 158 लोगों ने स्वास्थ्य परीक्षण कराया 61 सिकल सेल एनिमिया परीक्षण किये गये जिसमें से 02 केरियर पाए गए।

विधायक प्रतिनिधि ने सिकल सेल एनिमिया के शतप्रतिशत परीक्षण में उपलब्धि पर भातना, भरगदा, पथरोटा, देहरी एवं केसला पंचायत को सम्मानित किया। सीएमएचओ डॉ दिनेश देहलवार ने बताया कि सिकलसेल एनीमिया वंशानुगत रक्त विकार के रोग का एक रूप है इसमें लाल रक्त कोशिकाओं का आकार बदल जाता है जो रक्त प्रवाह को अवरुद्ध करती हैं। शुरुआती पहचान और नए उपचारों की बदौलत सिकलसेल एनीमिया से पीडि़त लगभग आधे लोगों का जीवन बचाया जाना संभव हो पाया है। यह बीमारी पीडित लोगों को उनके जैविक माता-पिता से विरासत में मिलती है।

इसमें सामान्य लाल रक्त कोशिकाओं को बनाने में मदद करने वाला जीन बदल जाता है। जिन लोगों को दोनों जैविक माता-पिता से यह जीन विरासत में मिलता है उनमें सिकल सेल एनीमिया होता है, जिन लोगों को एक जैविक माता-पिता से यह जीन विरासत में मिलता है उनमें सिकल सेल विशेषता होती है। डॉ. देहलवार ने यह भी बताया कि लोगों में सिकल सेल रोग या सिकल एनीमिया के बिना भी सिकल सेल विशेषता हो सकती है, रक्त परीक्षण कराकर ही सिकल सेल एनीमिया का पता लगाया जा सकता है।

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AUTHORRohit

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