होशंगाबाद। मप्र के ऊर्जा मंत्री एवं राज्य मुख्य आयुक्त, भारत स्काउट एवं गाइड पारस चंद्र जैन ने पचमढ़ी में अंतर्राष्ट्रीय एडवेंचर भारत स्काउट गाइड का आठ दिनी एडवेंचर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। कार्यक्रम में 4 देशों हांगकांग, मलेशिया, बांग्लादेश एवं श्रीलंका और भारत के 16 राज्यों के भारत स्काउट गाइड के छात्र-छात्राएं भी शामिल हुए। इस दौरान भारत स्काउट गाइड के छात्र-छात्राओं को चौरागढ़, धूपगढ़, बड़े महादेव एवं अन्य स्थानों का भ्रमण कराया जाएगा। एडवेंचर की गतिविधियों में नाइट ट्रेकिंग, मैप रीडिंग, नौका विहार, हॉर्स राईडिंग आदि सहित लगभग 28 प्रकार की एडवेंचर की गतिविधियां शामिल रहेंगी। सभी भारत स्काउट-गाइड के छात्र-छात्राएं तंबू बनाकर रहेंगे। कार्यक्रम में लगभग 1100 स्काउट गाईड के छात्र-छात्राएं शामिल हैं।
संबोधित करते हुए ऊर्जा मंत्री एवं राज्य मुख्य आयुक्त, भारत स्काउट एवं गाइड पारस चंद्र जैन ने कहा कि स्काउट गाइड के लिए समर्पण, त्याग एवं तपस्या मूल मंत्र है। उन्होंने स्काउट गाइड के छात्र-छात्राओं एवं शिक्षकों का अभिनंदन करते हुए कहा कि एडवेंचर के यह 8 दिन कैसे निकल जाएंगे किसी को पता ही नहीं चलेगा। यहां बिताया हुआ समय बाद में हम सभी को याद आएगा, यहां से बहुत कुछ सीख कर जाएंगे। उन्होंने बताया कि सिंहस्थ में भी 3 हजार भारत स्काउट गाइड के सदस्यों ने योगदान दिया था।
संयुक्त संचालक एमएस कुरैशी ने कहा कि मंत्री पारस जैन स्वयं भारत स्काउट गाइड के छात्र रहे हंय और इसके लिए निरंतर कार्य करते रहे हैं। उन्होंने बताया कि भारत स्काउट गाईड ग्रामीण क्षेत्रों के अलावा जनजाति क्षेत्रों में भी कार्य करती है। डिप्टी डायरेक्टर बायो प्रोग्राम अमर क्षेत्री ने कहा कि भारत स्काउट गाइड एक साहसिक राष्ट्रीय संस्था है। इसका मुख्य उद्देश्य युवाओं को अनुशासन एवं देश से जोडऩा हैं। वरिष्ठ नागरिक संतोष जैन ने बताया कि जब भारत स्काउट गाइड की स्थापना हुई थी तब वे बालक थे। उन्होंने कहा कि एडवेंचर के लिए पचमढ़ी अच्छी जगह है।
सांस्कृतिक कार्यक्रम हुए
मंत्री श्री पारस जैन ने दीप प्रज्वलन कर अंतर्राष्ट्रीय एडवेंचर भारत स्काउट गाइड का शुभारंभ किया। इस अवसर पर विभिन्न देशों एवं भारत के राज्यों की सांस्कृतिक झलक भी दिखाई दी। कार्यक्रम के अवसर पर बांग्लादेश से आए छात्र-छात्राओं ने बांग्ला भाषा में सामूहिक गीत की प्रस्तुति दी। हांगकांग के छात्र ने अपनी भाषा में गीत की प्रस्तुति दी। श्रीलंका के छात्रों ने भी सिंहली भाषा में सुंदर गीत प्रस्तुत किया। महाराष्ट्र की छात्राओं ने आकर्षक लावणी गीत पर सामूहिक नृत्य की प्रस्तुति दी, वहीं उत्तर प्रदेश की छात्राओं ने भी नृत्य की प्रस्तुति दी। उत्तराखंड के छात्र-छात्राओं ने पहाड़ी गीत पर सामूहिक नृत्य की प्रस्तुति दी। कार्यक्रम में सभी अतिथियों को कैप एवं स्कार्फ लगाकर सम्मानित किया गया।







