इटारसी। नगर में पूज्य पंचायत सिंधी समाज और झूलण सेवा समिति के तत्वावधान में गत 22 जुलाई से शुरू हुए 40 दिवसीय भगवान श्री झूलेलाल चालीहा व्रत महोत्सव का रविवार को भक्तिमय माहौल में समापन हुआ। सिंधी कॉलोनी स्थित भगवान श्री झूलेलाल मंदिर और संत कंवर राम धर्मशाला परिसर में सुबह से शाम तक आयोजित हुए इस समारोह में गुजरात से पधारे सिंधी समाज के संत ठकुर साईं मनीष लाल भरूच वालों का सान्निध्य श्रद्धालुओं को प्राप्त हुआ।
विशेष पूजा-अर्चना और आशीर्वचन
समापन दिवस की शुरुआत सुबह 8 बजे भगवान श्री झूलेलाल मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना और आरती के साथ हुई। 40 दिनों तक कठोर व्रत और उपवास रखने वाले श्रद्धालुओं ने इस दौरान पूरे भक्ति भाव से बहिराणा साहब का निर्माण किया। दोपहर 12 बजे संत कंवर राम धर्मशाला में बहिराणा साहब की विशेष पूजा और आरती की गई। इस अवसर पर संत ठकुर मनीष लाल ने अपने आशीर्वचनों से उपस्थित सभी श्रद्धालुओं को जीवन में धार्मिकता और सेवा के मार्ग पर चलने का संदेश दिया। पूज्य पंचायत सिंधी समाज के अध्यक्ष धर्मदास मिहानी ने संत मनीष लाल का शॉल और श्रीफल भेंट कर सम्मान किया। समारोह में जय भगवान श्री झूलेलाल के जय घोष के साथ भक्तिमय भजनों से पूरा वातावरण गूंज उठा।
लंगर और भोजन वितरण
धर्मशाला परिसर में दोपहर 1:30 बजे से लंगर का आयोजन किया, जिसमें समाज के विभिन्न क्षेत्रों के विशिष्ट व्यक्तियों सहित सैकड़ों परिवारों के सदस्यों ने महाप्रसाद ग्रहण कर धर्म लाभ प्राप्त किया। मानवता की सेवा का संदेश देते हुए, सिंधी समाज के सदस्यों ने नगरपालिका कार्यालय के सामने मुख्य मार्ग पर गरीबों को भी भोजन वितरित कराया। दोपहर 3 बजे से झूलेलाल मंदिर में श्रद्धालु महिलाओं, पुरुषों और बच्चों ने मिलकर धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन किया, जिसमें गीतों और भजनों की प्रस्तुति दी गई।
शोभा यात्रा और बहिराणा साहब का विसर्जन

शाम करीब 4:30 बजे भगवान श्री झूलेलाल मंदिर परिसर से एक शोभा यात्रा निकाली गई। यह शोभा यात्रा सिंधी कॉलोनी की प्रत्येक गली से होते हुए शेरावाली दरबार, गली नंबर 1 पहुंची। यहां से पूरे सम्मान और भक्ति भाव के साथ बहिराणा साहब को नर्मदा नदी तट, नर्मदापुरम ले जाया गया। नर्मदा नदी में सिंधी समाज के सामाजिक बंधुओं ने पूरे विधि-विधान से बहिराणा साहब को विसर्जित किया, जिसके साथ ही 40 दिवसीय इस महोत्सव का सफलतापूर्वक समापन हो गया। इस अवसर पर पूज्य पंचायत सिंधी समाज और झूलण सेवा समिति के पदाधिकारी, सदस्य और बड़ी संख्या में समाज के परिवारजन उपस्थित थे।











