रेत के भंडारों की जांच करें राजस्व अधिकारी : कलेक्टर

होशंगाबाद। कलेक्ट्रेट सभागार में जिले के राजस्व अधिकारियों की बैठक की अध्यक्षता कर रहे कलेक्टर शीलेन्द्र सिंह ने सभी अधिकारियों को रेत उत्खनन एवं परिवहन, गेहूं एवं चना उपार्जन, कृषि आदान विक्रेताओं की दुकानो की जांच, राजस्व प्रकरणों के निराकरण आदि से संबंधित निर्देश दिए। बैठक में अपर कलेक्टर केडी त्रिपाठी, संयुक्त कलेक्टर डीआर बिल्वे, डिप्टी कलेक्टर भारती मेरावी, समस्त एसडीएम, तहसीलदार, नायब तहसीलदार सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।
कलेक्टर श्री सिंह ने अवैध रेत उत्खनन के विरूद्ध कड़ी कार्यवाही करने के निर्देश देते हुए कहा कि समस्त राजस्व अधिकारी अपने क्षेत्रों में रेत स्टॉक लाइसेंसधारियों के रेत भंडारों की जांच करें। यदि रेत के भंडारण में कोई भी अनियमितता पाई जाती है एवं अवैध रूप से रेत स्टॉक कर रखी है तो संबंधित के विरूद्ध नियमानुसार कार्यवाही करना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि एसडीएम एवं तहसीलदारों को यह सुनिश्चित करना होगा कि ग्राम पंचायतों की रेत खदानें नियमानुसार संचालित की जा रही है। सीमांकित की गई खदानो के अलावा अन्य किसी भी स्थान से उत्खनन होने पर कार्यवाही करें। कलेक्टर ने कहा कि अवैध उत्खनन के प्रकरण तैयार करते समय साक्ष्य अच्छी तरह उपलब्ध करायें ताकि संबंधितों के विरूद्ध साक्ष्य के आधार पर कार्यवाही सुनिश्चित की जा सके।
कलेक्टर ने राजस्व न्यायालयों में लंबित प्रकरणों की स्थिति पर नाराजी व्यक्त करते हुए सभी अधिकारियों को प्रकरणों के निराकरण में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यदि यह पाया कि किसी भी राजस्व न्यायालय में पटवारी प्रतिवेदन प्राप्त न होने के कारण प्रकरण की दो से अधिक पेशियां बढ़ाई हैं तो संबंधित राजस्व अधिकारी के विरूद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही की जायेगी। समस्त अधिकारी अपने अधीनस्थों से समयसीमा में प्रतिवेदन प्राप्त कर प्रकरणों का निराकरण करें। सभी राजस्व न्यायालयों में आरसीएमएस में दर्ज प्रकरणों की हॉर्ड कॉपी उपलब्ध होनी चाहिए। साथ ही प्राप्त होने वाले आवेदनों को उसी दिन आरसीएमएस में दर्ज होना चाहिए। कलेक्टर ने कहा कि सभी अधिकारी अपने न्यायालयों में 2 वर्ष से अधिक समय से लंबित प्रकरणों के संबंध में प्रतिवेदन प्रस्तुत करें। उन्होंने समस्त अधिकारियों को स्वयं आरसीएमएस पोर्टल खोलकर लंबित प्रकरणों की स्थिति देखने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने कहा कि आरसीएमएस में दर्ज प्रकरणों के संबंध में अपडेटेड जानकारी पोर्टल पर दर्ज होनी चाहिए। उन्होंने न्यायालय के कार्य में लापरवाही बरतने वाले रीडर्स के विरूद्ध कार्यवाही करने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी एसडीएम को अपने स्तर पर राजस्व प्रकरणों के निराकरण की समीक्षा करने हेतु निर्देशित किया।
श्री सिंह ने किसानों को खाद, बीज, कीटनाशकों आदि की उपलब्धता के संबंध में निर्देशित करते हुए कहा कि सभी एसडीएम अपने स्तर पर कृषि विभाग के अधिकारियों की टीम बनाकर आदान विक्रेताओं की दुकानों की जांच करे। जांच के दौरान यह देखें कि जिन उत्पादों का विक्रय किया जा रहा है उनका लाइसेंस विक्रेता के पास है या नहीं। सभी उत्पादों की रजिस्टर में एंट्री, रेट लिस्ट आदि की भी जांच करे। आवश्यकतानुसार गुणवत्ता की जांच के लिए उत्पादों के सेम्पल भी लें। यह सुनिश्चित करें कि कहीं पर भी नकली खाद या कीटनाशकों का विक्रय न हो। उन्होंने सभी एसडीएम को खरीदी केन्द्रों से गेहूं के परिवहन में तेजी लाने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने कहा कि किसानो के पंजीयन के बाद पटवारी द्वारा सत्यापन किया जाता है। यदि सत्यापन के बाद फसल की स्थिति में कोई गलती पाई जाती है तो संबंधित पटवारी के विरूद्ध कार्यवाही करे।

CATEGORIES
error: Content is protected !!
%d bloggers like this:
Narmadanchal

FREE
VIEW