केरल, उप्र, मप्र, ओडिसा, गोवा, गुजरात के कलाकारों ने बांधा समा

गरबा, रनपा, मटकी, कुत्तियोट्टम, रास और लैंप नृत्य सराहे गये
इटारसी। इन दिनों इटारसी की धरती पर पूरा भारत उतर आया है। देश के विभिन्न राज्यों के लोक कलाकार अपनी संस्कृति की छंटा बिखरे रहे हैं तो शहर के कलाप्रेमी भी पूरे उत्साह से गांधी मैदान पर पहुंचकर तीन घंटे कलाकारों का भरपूर उत्साहवर्धन कर रहे हैं। हर रोज हजारों दर्शक यहां कलाकारों की कला की परख कर उनका उत्साह बढ़ा रहे हैं। संगीत नाटक अकादमी नयी दिल्ली द्वारा इटारसी नगर पालिका के सहयोग से यहां देशज 2019 का आयोजन किया जा रहा है। आज तीसरे दिन देशज में आयोजन देखने कलेक्टर शीलेंद्र सिंह, जिला पंचायत सीईओ आदित्य सिंह, नगरपालिका अध्यक्ष सुधा अग्रवाल और एसडीएम हरेंद्रनारायण भी मौजूद थे।


देशज 2019 के तीसरे दिन केरल के कुत्तियोट्टम की प्रस्तुति श्री कुरुम्बा कूथियोता कलारी चेट्टीकुलनगरा के कलाकारों ने दी। कुत्तियोट्टम एक आनुष्ठानिक लोक नृत्य है जो चेट्टीकुलनगर देवी की स्तुति में केवल के मंदिरों में किया जाता है। यह नरबलि का आनुष्ठानिक प्रतीक है। इस प्रस्तुति में मुख्य गायक डी. नारायण पिल्लई, गायक अभिलाष वी. नायर, सुभाष, जयकृष्णन जी. गिरीश, नर्तक श्री कुमार, श्रीजिथ एस, अखिल, अजय, सरथ, सुदीश, अनूप और थविल वादक केशु प्रसाद तथा तबला पर अखिल अजायन की संगत रही।


बृजकला केन्द्र मथुरा उत्तरप्रदेश के कलाकार गायक श्रीनाथ शर्मा, ढोलक पर गोपाल शर्मा, हारमोनियम पर राजेन्द्र शर्मा, पैड पर संतोष पाल, नगाड़ा पर हेमंत शर्मा ने संगत दी तो सखा के अभिनय में मोनू ठाकुर, हर्ष शर्मा, श्रीकृष्ण की भूमिका पवन गोस्वामी, राधा भावना शर्मा, सखी कल्पना शर्मा, रीता, चरकुला नर्तकी में शीला कौशिक, लोकेश कुमारी, शिखा और मंजू की भूमिका रही। प्रस्तुति देखकर लगा मंच पर मानो बृज उतर आया हो।


तीसरी प्रस्तुति मालवा की महक लेकर आयी जब मालवा लोक कला केन्द्र उज्जैन के कलाकारों ने कान्ह गुवाल्या एवं मटकी नृत्य प्रस्तुत किया। मटकी नृत्य मांगलिक अवसरों पर किया जाता है। इसमें पद संचालन देखने लायक होता है। कलाकारों में गायिका एवं दल नायिका कृष्णा वर्मा, गायक हीरामणि, विध्याराव गायन, दर्शना राव नर्तकी, वेदिका, मोनिका, चंचल, कन्नू, बाबूलाल गायक, टीकाराम नर्तक, विष्णु रहे तो ढोलक पर पप्पू और हारमोनियम में मांगीलाल ने अपना रोल अदा किया।


ओडिशा का रनपा नृत्य का अपना आकर्षण रहा। गंजम जिले के इस पारंपरिक नृत्य में गेड़ी पर चढ़कर संतुलन बनाकर नृत्य करना अपने आप में अद्भुत रहा। यह नृत्य ओडिशा के चरवाह समुदाय में प्रचलित है। नृत्य निदेशक एस वेंकटराव रेड्डी के निर्देशन में ढोल वादक त्रिलोचन साहू, ताशा पर बसंत गौड़ा, गिन्नी वादक डी. प्रकाश रेड्डी, महुरी वादक ओ जगन्नाथ, नर्तकी एस स्वयंप्रभा, पिंकी दास, अर्चना गौड़ा, अमित दास, रमेश दास, सागर दास, बलराम दास, सिमांचल महाराना और अजीता दास ने भूमिका निभाई।
गोवा का लैंप नृत्य प्रसिद्ध नृत्यों में से एक है। यह गोयन किसानों के समुदाय द्वारा किया जाता है। मार्च के महीने में शिग्मो उत्सव के दौरान पीतल के लैंप को नर्तक या नर्तकी अपने सिर पर संतुलित करके नृत्य करते हैं। कलाकार महेश कृष्ण गौड़े, पुरसोरामा गौड़े, विनोद कृष्णा, शुभम सुभाष गौड़े, कुंदन हेमु गौड़े, देवेन्द्र गौड़े, बाबूसो भगवंत गौड़े, दशरथ तुकाराम गौड़े, ममता सुरेश कुर्तिकर, तेजा तुलसीदास गौड़े, पूजा तुकाराम गौड़े, रजनी गौड़े, रोहिनी गौड़े और प्रियंका सामल ने इसकी प्रस्तुति दी। अंतिम प्रस्तुति रही गुजारा का गरबा नृत्य। इसमें अल्पेश पटेल, बंशी तंवर, दिग्विजय पढि़हार, दिनेश पारिख, शिराली शाह, किंजल कडिय़ा, खुशी पटैल, हिमाली, धनाश्री दवे, सोहिनी चौधरी, पूजा मोरखिया, धारा त्रिवेदी, चेतन डांगी, विवेक झाला, भावेश मुलेरकर और कृपा दिनेश ने योगदान दिया।

मंच और व्यवस्था में
संगीत नाटक अकादमी नयी दिल्ली के इस आयोजन में नगर पालिका इटारसी का विशेष सहयोग है। नयी दिल्ली से संगीत नाटक अकादमी के मनीष ममगई, प्रवीण दुरेजा की विशेष भूमिका आयोजन को आकर्षक बना रही है तो लाइट डिजाइनिंग में राष्ट्रपति पुरस्कार प्रापत भोपाल के वरिष्ठ रंगकर्मी कमल जैन की महारत देखते ही बनती है। मंच पर प्रकाश का जो समन्वय होता है, वह प्रस्तुति को अधिक आकर्षण प्रदान करता है।


देशज में हो रहा है कुछ अलग हटकर
देशज, 2016 में भी इटारसी के गांधी मैदान पर हुआ था। लेकिन, इस वर्ष संगीत नाटक अकादमी द्वारा नगर पालिका के सहयोग से देश की पारंपरिक, लोक एवं जनजातीय अभिव्यक्ति के इस उत्सव में विभिन्न सांस्कृतिक विरासत के दर्शन तो कराए जा रहे हैं। साथ ही एक संदेश भी दिया जा रहा है। आयोजन के मंच से संचालन कर रहीं आकाशवाणी भोपाल की उद्घोषिका श्रीमती सुनीता सिंह हर रोज उपस्थित हजारों दर्शकों से प्लास्टिक को न कहने का आह्वान भी कर रही हैं। इसके अलावा स्वच्छता का संदेश भी मंच से लगातार दिया जा रहा है। हाल ही में भारत सरकार ने प्लास्टिक मुक्त भारत की मुहिम चलाने नागरिकों से अनुरोध किया है और सिंगल यूज प्लास्टिक पर प्रतिबंध लगाया है। इसी को देशज के मंच से भी आग्रह के साथ आगे बढ़ाया जा रहा है। इसी तरह से नगर पालिका का स्वच्छता विभाग भी देश के विभिन्न प्रांतों से आए कलाकारों से शहरवासियों के लिए स्वच्छ इटारसी का संदेश ले रहे हैं। बाहर प्रांतों से आए कलाकार शहर के लोगों से स्वच्छता का आग्रह कर रहे हैं। बहुरूपिया ग्रुप के कलाकार अकरम खान, फिरोज खान, फरीद खान, नौशाद खान, शमशाद खान एवं सलीम खान ने भी शहर के लोगों से इटारसी की स्वच्छता बनाये रखने का आह्वान किया है

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