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श्री दुर्गा चालीसा

0 19/08/2012

नमो नमो दुर्गे सुख करनी. नमो नमो अंबे दुख हरनी॥ निरंकार है ज्योति तुम्हारी. तिहूँ लोक फैली उजियारी॥ ससि ललाट मुख महा बिसाला. नेत्र लाल भृकुटी बिकराला॥...

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श्री गायत्री चालीसा

0 19/08/2012

ह्रीं श्रीं क्लीं मेधा, प्रभा जीवन ज्योति प्रचण्ड. शांति क्रान्ति जागृति प्रगति रचना शक्ति अखण्ड॥ जगत जननि मंगल करनि गायत्री सुखधाम. प्रणवों सावित्री ...

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श्री शिव चालीसा

0 19/08/2012

अज अनादि अविगत अलख, अकल अतुल अविकार. बंदौं शिव-पद-युग-कमल अमल अतीव उदार॥ आर्तिहरण सुखकरण शुभ भक्ति -मुक्ति -दातार. करौ अनुग्रह दीन लखि अपनो विरद विचार...

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श्री हनुमान चालीसा

0 19/08/2012

दोहा श्रीगुरु चरन सरोज रज, निज मनु मुकुरु सुधारि. बरनउँ रघुबर बिमल जसु, जो दायकु फल चारि॥ बुद्धिहीन तनु जानिके, सुमिरौं पवन-कुमार. बल बुधि बिद्या देहु...

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