किसान ने हाथ की नस काटकर की आत्महत्या

हरदा। नगर के कुलहरदा निवासी एवं ग्राम गोयत के किसान साजिक मलिक ने शुक्रवार को हाथ की नस काटकर आत्महत्या कर ली। बताया जाता है कि सजिक ने सहकारी बैंक से ऋण ले रखा था। जिसकी वसूली के लिए सजिक की संपत्ति कुर्क करने की कार्रवाई की जा रही थी। इससे परेशान सजिक ने हाथ की नस काट अपनी इहलीला समाप्त कर ली।
5 एकड़ भूमि, 40 लाख का कर्ज
इस संबंध में किसान कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष एवं अधिवक्ता दिनेश यादव ने शनिवार को राज्यपाल के नाम ज्ञापन प्रेषित कर मामले की जांच कराने की मांग की है।
श्री यादव ने बताया कि सजिक मलिक द्वारा सहकारी बैंक के 40 लाख रूपए के कर्ज की वसूली से परेशान होकर आत्महत्या की गई है। उन्होंने बताया कि सजिक के नाम पर ग्राम गोयत में सिर्फ 5 एकड़ जमीन है। फिर सहकारी बैंक की हरदा शाखा में सजिक के नाम से 40 लाख रूपए का कर्ज कैसे हो गया। वहीं केन्द्र सरकार की ऋण माफी एवं राहत योजना 2008 के अंतर्गत सजिक के 81,687 रूपए माफ किए गए थे, लेकिन यह राशि उन्हें क्यों नहीं मिली। इस मामले में सहायक पंजीयक न्यायालय हरदा में दर्ज प्रकरण क्रमांक ई-64-27/2015 लंबित है, फिर किसान से वसूली के लिए दबाव क्यों बनाया जा रहा था।
कैसे हो गया 40 लाख का कर्जदार
श्री यादव ने प्रश्न किया कि जब सजिक 2008 में भी कर्ज माफी योजना से अपने कर्ज से मुक्त हो गया था , तब व्यवसाय ऋण 24 लाख रूपए, ट्रैक्टर ऋण 12 लाख एवं खाद बीज ऋण करीब 4 लाख रूपए कुल मिलाकर 40 लाख रूपए का ऋण किस आधार पर सजिक के नाम हो गया।
उन्होंने बताया कि अपने ऋण के एवज में सजिक ने 90 हजार रूपए जमा किए गए थे। क्या यह राशि उनके कर्जनामे खाते में जमा की गई। श्री यादव ने इस मामले की जांच कराकर दोषी अधिकारी कर्मचारी के विरूद्ध कार्रवाई की मांग की है।
इस संबंध में तहसीलदार वैधनाथ वासनिक ने बताया कि सहाकारी बैंक के बकायादारों की संपत्ती कुर्क करने की कार्रवाई की जा रही है। इसी कार्रवाई की तहत सजिक के संंपत्ती कुर्क कर उन्हें एक माह का समय दिया गया था। उन्होंने बताया कि अभी सजिक की संपत्ती की नीलामी की कार्रवाई शुरू नही की गई थी।

Leave a Reply

Your email address will not be published.

error: Content is protected !!