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नर्मदा में नाव पलटी, दो की मौत, तीन लापता

हरदा। इंदिरा सागर बांध के बैक वाटर में नाव पलटने से दो की मौत हो गई तथा तीन लापता है। बाकी नाव में सवार यात्री तैरकर जान बचाने में कामयाब हुए। घटना तीन बजे के आसपास की है जब नाव करणपुरा से रामपुरा के लिए जा रही थी। जानकारी के अनुसार नर्मदा का बैक वाटर आने के बाद कारणपुरा से रामपुरा तक जाने का रास्ता सिर्फ नाव से तय किया जाता है। करीब एक किमी की दूरी का रास्ता यहां के लोग प्रति दिन बैक वाटर के पानी से तय करते है। रविवार को भी नाव करणपुरा से करीब तीन बजे रवाना हुई। जिसमें कुल १४ यात्री और एक बकरी सवार हुई थीं। कुछ दूर चलने के बाद अचानक नाव डगमगाकर पलट गई। जिसमें दस से बारह यात्री पानी में डूब गए। कुछ देर अफरातफरी मची जिसमें से नौ यात्री तैरकर निकल गए। कुछ ने अपने परिवार के सदस्यों को बचाया। और कुछ ने स्वयं की जान बचायी। इसी आपाधापी में रामपुरा के रहने वाले शेरसिंह भिलाला के परिवार के पांच सदस्य पानी में डूब गए। डूबने वालों में शेर सिंह की बेटी रजनी ७ साल, बेटा विनोद ५ माह शामिल है। इसके अलावा शेर सिंह की तीन साली लीलू बाई पिता गेंदालाल भिलाला १८ वर्ष सोनतलाई, गीनू बाई पिता गेंदालाल भिलाला सोनतलाई और वीजेश पिता शेर सिंह भिलाला उम्र ५ वर्ष रामपुरा डूब गए है। सूचना मिलने पर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों का दल मौके पर पहुंचा। उन्होंने डूबने वालों को बाहर निकालने की कोशिश की। इस दौरान शेर सिंह भिलाला के दो बच्चे मृत अवस्था मिले है। इसमें राजनी ७ और विनोद ५ माह शामिल है। उधर तीन सदस्य अभी लापता है जिनकी खोज जारी है।
तीन घंटे चला रेस्क्यू ऑपरेशन
जानकारी मिलने पर हरदा से पुलिस बल व एसडीएम मौके के लिए रवाना हुए। वहां होमगार्ड के जवानों व स्थानीय गौताखोरों की मदद से डूबने वालों को निकालने की कोशिश की। लेकिन तीन घंटे के दौरान सिर्फ दो बच्चों के शव मिले है। बाकी तीन को नहीं खोज पाए। एसडीएम श्री सोलंकी ने बताया कि खोजबीन देर तक की गई है लेकिन अंधेरा होने से रेस्क्यू ऑपरेशन रोकना पड़ा है।
हर दिन नाव का सफर
स्थानीय लोगों ने बताया कि काकरदा डूब में आने के बाद से यहां हर दिन नाव का सफर करना पड़ता है। सोनतलाई से काकरदा,रामपुरा सहित अन्य गांव जाने के लिए नाव का सफर तय करना पड़ता है। नाव चलाने वाले नाविक भी प्रशिक्षित नहीं है। काम चलाने के लिए स्थानीय लोगों ने नौका की व्यवस्था की है। रविवार को जब घटना हुई थी तब भी नाव को चलाने की जिम्मेदारी महिला के हाथ में बतायी गई है। दूसरी बात नाव में अधिक सवारी बैठाकर पैसा कमाने का काम होता है। जिसके कारण रविवार को नाव का संतुलन बिगडऩा बताया जा रहा है। नाव उस स्थान पर पलटी जहां पानी काफी गहरा था। समय रहते सावधानी बरती गई होती तो हादसे को टाला जा सकता था।

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