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इटारसी के बारे में

ऐसा अनुमान किया जाता है कि पूर्व में इस नगर का नाम ईटारस्सी था क्योंकि पूर्व में यहां के वाशिंदे कुम्हार और कुचबंदिया थे और कुम्हार ही ईट तैयार करते थे तथा कुचबंदिया रस्सी बनाया करते थे. बाद में बिगड़ कर यह इटारसी हो गया.
स्थिति
जिले नगर से यह 17.6 किमी दक्षिण में स्थित है. इस शहर का नगर पालिका का क्षेत्रफल 22.25 वर्ग किलोमीटर है. यह नगर लगभग 22 अंश उत्तरी अक्षांश तथा 78 अंश पूर्वी देशांतरों पर स्थित है.

सीमाएं
नर्मदा नदी के कछार के मध्य बसे हुए इस नगर के उत्तर में नर्मदा नदी व उसके बाद में विंध्याचल की श्रेणियां एवं दक्षिण में सतपुड़ा की श्रेणियां फैली हुई है. इसके आसपास का ढाल उत्तर की ओर है. इसके पश्चिम की ओर एक छोटी नदी है जो दक्षिण से उत्तर की ओर बहती हुए मेहरागांव की नदी के नाम से जानी जाती है एवं पूर्व की ओर एक छोटा नाला जो सांकरिया पुल के नाम से जाना जाता है. ऊंचाई की दृष्टि से यह नगर अनुमानित रूप से समुद्र सतह से 500 फीट से कम नहीं है. इसकी दक्षिणी सीमा से लगभग दो किमी दूर सतपुड़ा पर्वत के वन प्रारंभ हो जाते हैं. वर्तमान में इन वनों की अनर्गल कटाई होने तथा कृषि योग्य भूमि बना लेने के कारण इन वनों की दूरी इटारसी नगर पालिका सीमा से लगभग 8 किमी हो गयी है. अब इससे पूर्व और पश्चिमी सीमा से लगे हुए क्षेत्र मैदानी हो गये हैं तथा उपजाऊ भूमि है.

नगर का विकास
1980 के पूर्व इटारसी में देखें तो यहां पर मूल सुविधाओं का अभाव था परंतु वर्तमान में वे सभी सुविधाएं जो आवश्यक होती है, नगर में उपलब्ध है. 1980 के बाद यहां पर एक शव परीक्षण गृह, तहसील की स्थापना, न्यायालय प्रारंभ, न्यायालय भवन का निर्माण, तहसील भवन का निर्माण, अनुविभागीय दंडाधिकारी का कार्यालय, अस्पताल में 60 शैयाओं वाले 3 वार्डों के निर्माण के साथ अन्य सुविधा, कई प्राइवेट नर्सिंग होम्स, ब्लड बैंक, भोपाल व नागपुर सड़क मार्ग से जोड़ने के लिए ओव्हर ब्रिज, लोको शेड, दूरसंचार कार्यालय, दूरदर्शन केंद्र आदि के साथ सभी मूल सुविधाओं की स्थापना हो चुकी है.

आर्थिक पृष्ठभूमि
नगर के विकास का मुख्य कारण सेंट्रल रेलवे का मध्यप्रदेश का सबसे बड़ा यहां रेलवे जंक्शन का होना है. इस नगर के आसपास के प्रमुख धंधे प्रारंभ ही कृषि तथा वनोपज पर आधारित रहे है. आसपास का क्षेत्र कृषि प्रधान होने के कारण ही इस नगर में अनाज बेचने के लिए एक मंडी बनाई गई. इटारसी कृषि उपज मंडी जिले की प्रमुख अनाज मंडी है. इसके अलावा केंद्रीय सुरक्षा संस्थान का आयुध निर्माणी का कारखाना तथा ताकू प्रूफ रेंज इसी क्षेत्र में स्थित है. भोपाल रेलवे डिवीजन तथा बेस्ट सेंट्रल रेलवे का सबसे बड़ा डीजल मरम्मत का कारखाना न्यूयार्ड में है. इसके अतिरिक्त यहां आरा मशीन, दाल तथा तेल मिले, कई औद्योगिक संस्थान आदि है. सड़क तथा रेलमार्ग की पूर्ण सुविधा होने के कारण व्यापारिक महत्व अधिक है और इसी कारण इसकी आर्थिक स्थिति अच्छी है.

सामाजिक / सांस्कृतिक परिस्थिति
यहां मूल रूप से ब्राह्मण, वैश्य, कुर्मी, मालवीय, पंजाबी, सिंधी और हरिजन जातियां निवास करती हैं. पंजाबी और सिंधी समाज के लोग विभाजन सन् 1947 के बाद यहां आकर बसे हैं. यहां पर प्राय: सभी समाज के लोगों ने अपनी सामाजिक संस्थाएं बना रखी हैं. ये संस्थाएं अनेक प्रकार से इस नगर के निवासियों की समय-समय पर मदद करते हैं.
देश में उत्पन्न हर स्थिति का यहां के लोगों ने कंधे से कंधा मिलाकर सामना किया है. वर्षों पूर्व भोपाल गैस कांड, होशंगाबाद में बाढ़ की स्थिति का यहां के निवासियों ने बड़ी ही हिम्मत और सहानुभूति के साथ सामना करते हुए इन शहरों में हजारों की संख्या में पहुंचकर वहां के निवासियों को बाहर निकलने में तथा उनकी हर संभव मदद की. इसके अलावा हमारी तत्कालीन प्रधानमंत्री श्रीमती इंदिरा गांधी की हत्या का मामला हो या राम जन्म भूमि बाबरी मस्जिद कांड या फिर प्रधानमंत्री राजीव गांधी की हत्या किसी भी परिस्थिति में इटारसी नगर ने अपनी शांति कायम रखकर हमेशा ही अपनी एकता का परिचय दिया है.
सामाजिक परिस्थिति में एकात्मकता का एक अन्य उदाहरण समाज में बड़ी उम्र, विशेष कार्य करने वाले व प्रत्येक क्षेत्र की प्रतिभाओं का सम्मान किया जाता है. तथा अभी तक गुरू शिष्य की परंपरा को निभाया है.

जनसंख्या
आज से करीब 80 वर्ष पूर्व इटारसी नगर एक मामूली गांव के रूप में था. उस समय यहां की जनसंख्या बहुत ही कम थी. सन् 1901 की जनसंख्या के अनुसार इटारसी की जनसंख्या मात्र 5 हजार 769 थी परंतु उसके बाद के वषों में यह जनसंख्या यहां स्थापित होने वाले कारखाने, उद्योग, रेल्वे होने से दूसरे शहर व गांव से लोग व्यापार या नौकरी करने आने के कारण बहुत ही तेजी से बढकर 1991 तक 77,288 हो चुकी थी.वर्ष 2005 में नगर पालिका दस्तवेजों के अनुसार पंजीकृत शिशु संख्या 93175 व मृत्यु संख्या 669 रही वहीं वर्ष 2006 में पंजीकृत जन्म शिशु संख्या 2719 व मृत्यु संख्या माह नवंबर तक 625 दर्ज है. यह जनसंख्या वर्ष 2001 में 92324 हो गई है जिसमें 48159 पुरूष एवं 44165 महिला हैं. उपलब्ध आंकडों के अनुसार जन्मदर, मृत्युदर में कमी आई है.

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