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बेहतर इटारसी, बेहतर जीवन के लिए सजग रहिए

बेहतर इटारसी, बेहतर जीवन के लिए सजग रहिए

जैसे सेहत के लिए अच्छी खुराक और व्यायाम का कम से कम आधा घंटा ज़रूरी होता हैं उसी तरहा शहर की हर छोटी बड़ी घटना, गतिविधि, खबर जानना हमारे लिए आवश्यक हैं। हमें चाहिए कि हम स्थानीय खबरों को पढ़ने जानने के लिए कम से कम आधा घंटा ज़रूर दें। स्थानीय खबर स्थानीय  विकास  और प्रगति की दिशा का हमें भान कराती हैं। जोकि हमारे विकास से सीधा जुड़ा हुआ हैं इसे ऐसे समझीऐं यदि शहर की स्कूलों में नैतिक, आधुनिक, कौशल, अनुशासित, रोजगारन्मुख शिक्षा उपलब्ध नहीं हैं तो आपको अपने लिए, अपने नौनिहालों के लिए ना तो नैतिक चरित्रवान मित्र मिलेंगे और ना ही आपके व्यापार, संस्थान को उन्नति पर ले जाने वालें कुशल और अनुशासित कर्मी। इसे तभी जाना जा सकता हैं जब कि हमें पता हो कि स्कूल में क्या पाठयक्रम पढ़ाया जा रहा हैं कौन पढ़ा रहा हैं क्या गतिविधियाँ संचालित हो रही हैं। हमें पता चलता रहें इसके लिए हम क्या करतें हैं आँख, कान स्कूल की खबर पर लगाए रखते हैं। स्थानीय राजनीति और स्थानीय खबर हमारें जीवन से सीधी जुड़ी हैं जैसे एक पौधे के जीवन के लिए उसके आसपास की मिट्टी जुड़ी होती हैं। स्थानीय खबरों को गौर से पढ़े समझें मनन करें कही प्रतिक्रिया करने मौका मिलें तो ज़रूर प्रतिक्रिया करें क्योंकि आपकी प्रतिक्रिया ही इटारसी के नीतिकारों को क्रिया करने पर विवश करेंगी। कई लोगों को मैंने कहते सुना अख़बारों में नेगेटिव न्यूज ही ज्यादा होती हैं इसलिए हम नहीं पढ़ते, मेरा मानना हैं कि न्यूज केवल न्यूज होती है। नेगेटिव या पॉजिटिव नहीं। सभी खबरें पॉजिटिव न्यूज ही होती हैं। मेरा मानना है कि हत्या, चोरी और बलात्कार जैसी खबरें भी अगर मीडिया में आती हैं, तो यह बताने के लिए कि हमारे समाज में पॉजीटिव लोग कम हो रहे हैं। यह एक चेतावनी होती है समाज के लिए हमारें लिए। अगर 1सवा लाख लोगों के शहर में छोटी-बड़ी वारदात हो तो उसका उद्देश्य समाज को, सत्ता को, प्रशासन को चेताने का रहता है। जिसें समाज, सत्ता और हमारी प्रतिक्रिया के द्वारा ही सुधारा जा सकता हैं हम चूके तो समझिए शहर में वो वारदात लौटकर फिर आएगी हो सकता हैं आने वाले वक्त में हमारें आसपास ही घटित हो जाए।इसलिए खबरों के जरिऐ सजग रहिए और प्रतिक्रिया के जरिऐ सभी को सजग करते रहिए।
जाते जाते…
आपका धन्यवाद, आप यहां तक आए। आखिरी बात, मुझे लगता है कि इटारसी हर रोज पहले से बेहतर होती जा रही है क्योंकि लोगों तक इंटरनेट, सोशल मिडिया के जरिऐ खबर त्वरित गति से मिल रहीं हैं वाट्सएप्प और फेसबुक जैसे माध्यम से लोग प्रतिक्रिया भी दें रहें हैं और इसका श्रेय सजग लोगों को मिलना चाहिए।
इस आलेख पर प्रतिक्रिया के लिए आप नीचे दिए कामेंट बाक्स में मुझे संदेश दें सकते हैं।

अजय सिंह राजपूत, इटारसी

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