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इटारसी की अदिति बनी उपपुलिस अधीक्षक

इटारसी की अदिति बनी उपपुलिस अधीक्षक

अदिति भावसार से मंजूराज ठाकुर का एक साक्षात्कार

आज घोषित मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग की राज्य सेवा परीक्षा – 2014 की पदवार चयन सूची में शहर की अदिति भावसार पिता राजकुमार भावसार का चयन उपपुलिस अधीक्षक के पद पर हुआ। चयन सूची में अदिति ने महिलाओं ओबीसी में 10वां स्थान प्राप्त किया है।

अदिति भावसार से मंजूराज ठाकुर का एक साक्षात्कार
इतने बडे लक्ष्य की प्राप्ति के लिए युवाओं को मार्गदर्शित करें कि आपने किस तरह से तैयारी की ?
– इस पूरे प्रोसेस में यह समझना जरूरी है कि किसी भी चीज का शार्टकट नहीं होता। हम यदि सिर्फ यह सोचे कि इतना पार्ट पढकर हम सफल हो जायेंगे तो ऐसा नहीं होता, इसके लिए इनडेक्स स्टडी बहुत जरूरी है। इसके लिए मैंने हर सब्जेक्ट की अलग अलग बुक्स पढी थी जैसे हिस्ट्री के लिए रामशरण शर्मा, सतीष चंद्र, विपिन चंद्र, इंडियन कल्चर के लिए नितिन सिंघानिया, इकोलाजी के लिए ईराक भरूचा, पालिटी के लिए एम लक्ष्मीकांत जनरल नौलेज लिए प्रतियोगिता दर्पण। इन सबके ज्यादा जरूरी है रोज न्यूज पेपर पढे, न्यूज पेपर से जितना करेंट अफेयरर्स पता चलेगा उतना एक बुक्स में नहीं मिलेगा। न्यूज पेपर के लिए द हिंदू बहुत अच्छा है।

यह आपका कौन सा प्रयास है ?
– यह मेरा दूसरा प्रयास है। 2013 में मेरा पहला प्रयास था जिसमें मेरा महिला सशक्तिकरण अधिकारी की पोस्ट पर चयन हुआ था और दूसरे प्रयास में डीएसपी के लिए चयनित हुई हूं।

यहां तक आने के लिए किन किन लोगों का सहयोग रहा ?
– मेरा परिवार, मेरे दोनों भाई, मेरे गुरूजन संजय जैन सर भोपाल एवं इन सबसे पहले हनुमान जी ।

आपको लक्ष्य की प्राप्ति के लिए प्रयासरत रहते हुए, किन किन विपरित परिस्थितियों का सामना करना पड़ा ?
– बहुत सारी फैमिली प्रावल्म थी । बहुत ही विपरित स्थिति थी जिसमें यह एक्जाम दिया। पर मेरा यह मानना है कि आपको एक दृढ़ निष्चय करके एक लक्ष्य निधारित करना चाहिए कि कितनी भी विषम परिस्थति हो यह तो मैं हासिल करके ही रहूंगी और यही मैने भी किया और आज सफल हुई।

आप अपना लक्ष्य हासिल कर पाई या आगे भी इस हेतु प्रयासरहत रहेंगी ?
– निश्चित ही मैं आगे यूपीएससी की परीक्षा दूंगी जो कि मेरा प्रथम प्रयास रहेगा।

आप आज युवाओं की प्रेरणा हो, इस अवसर पर युवाओं को क्या संदेश देना चाहेंगी?
– मेरा उनसे यही कहना है कोई शार्टकट न अपनाये यह एक लागटर्म प्रोसेस है जो आपको धैर्य के साथ ही तय करना है। आप यदि इस फील्ड में आना चाहते तो अपना लक्ष्य निर्धारित कर लें। तैयारी के लिए आपके हाथ में एक हैंडबुक होना चाहिए जिसमें यह पता होना चाहिए कि क्या क्या नहीं पढना क्योंकि हमें सब कुछ पढ़ना है यह नहीं, पर हमें जो भी पढना है वह इनडेप्ट नालेज होना चाहिए।

आपके लिए सफलता का मूलमंत्र क्या है ?
मेरे लिए सफलता का मूलमंत्र है कि आप में लगन होना चाहिए और ईमानदारी के साथ उसके लिए प्रयासरत होना चाहिए।

पुलिस विभाग में महिलाओं की स्थिति हेतु यह कहा जाता है कि कुछ अघोषित प्रतियोगिताएं होती हैं इस विषय में क्या कहना चाहेंगी ?
– मेरा मानना है कि अब लिंग के अनुसार ऐसा कुछ भी नहीं होता है। इस तरह की महिला या पुरूष होने वाली कुछ भी प्रतियोगिता नहीं होती। इस विभाग में जहां तक मुझे पता है सब लोग एक दूसरे को बहुत सपोर्ट और सहयोग करते हैं। मैं कुछ अधिकारी से मिली हूं और उन्हीं की प्रेरणा से आज में यह हासिल कर सकी।

समाज में पुलिस की छबि सुधारने के लिए, खासकर महिलाओं को लेकर आपकी क्या भूमिका हो सकती है ?
– मेरा मानना है कि कम्युनिटी पोलिसिंग बहुत जरूरी है अगर हम अपने व्यवहार से कुछ ऐसा करें कि लोग आपके डरे नहीं। जो उनके मन में भय है उसे किसी तरह कम किया जाये तो फिर इस छबि को आसानी से सुधारा जा सकता है।

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