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अब तक 30 जोड़ों ने कराया विवाह के लिए रजिस्ट्रेशन

अब तक 30 जोड़ों ने कराया विवाह के लिए रजिस्ट्रेशन

श्री देवल मंदिर में श्रीराम विवाह महोत्सव के कार्यक्रम जारी

श्री देवल मंदिर में श्रीराम विवाह महोत्सव के कार्यक्रम जारी
इटारसी। इस वर्ष भगवान श्रीराम के विवाह के संग तीन दर्जन से अधिक युवक-युवतियां भी सात फेरे लेकर अपने वैवाहिक जीवन की शुरुआत करेंगे। 32 वे वर्ष में आयोजित श्रीराम विवाहोत्सव एवं नि:शुल्क सामूहिक विवाह के लिए इन जोड़ों का पंजीयन हो चुका है। श्री देवल मंदिर काली समिति के सदस्य पूरे मनोयोग से कार्यक्रम की सफलता के लिए तैयार हैं। 29 अक्टूबर से देवल मंदिर में श्रीराम विवाह उत्सव शुरु हो चुका है। हर रोज़ रामलीला का मंचन चल रहा है और महिलाओं की भजन मंडलियां भजन के माध्यम से रोज भगवान का गुणगान कर रही हैं।

रविवार को निकलेगी बारात
रविवार 4 दिसंबर को श्रीराम विवाह का मुख्य आयोजन होगा। भगवान श्रीराम के साथ सामूहिक विवाह में शामिल होने वाले दूल्हों की बारात शाम 6 बजे से शहर के द्वारिकाधीश मंदिर से पुरानी इटारसी के देवल मंदिर प्रस्थान करेगी जिसे जनकपुरी की तरह सजाया जा रहा है। पिछले करीब तीन दशक से हो रहे इस आयोजन में जब भगवान की बारात निकलती है तो इस बारात में सारा शहर बाराती बनता है। बारात जयस्तंभ चौक से ओवरब्रिज होते हुए देवल मंदिर पहुंचती है और वहां भगवान श्रीराम के विवाह के साथ ही सामूहिक विवाह भी संपन्न होते हैं। एक ही मंडप के नीचे सामूहिक विवाह में दूल्हा-दुल्हन फेरे लेते हैं।

अब तक 19 सौ विवाह हुए
मंदिर समिति के सदस्यों ने बताया कि आयोजन की शुरुआत 1984 से हुई थी और अब तक बीते तीन दशक में करीब 19 सौ युवक-युवतियों के विवाह नि:शुल्क सामूहिक विवाह के माध्यम से किए जा चुके हैं। इस वर्ष अब तक बैतूल, सोहागपुर, शोभापुर, नरसिंहपुर, विदिशा, हरदा, बुरहानपुर सहित प्रदेश के अनेक जिलों से वर-वधुओं का पंजीयन हुआ है। श्रीराम विवाह उत्सव के अंतर्गत देेवल मंदिर परिसर में सुंदरकांड, रामलीला और सीताराम अखंड कीर्तन शुरू हो गए। आज यहां महिलाओं की रामसत्ता का आयोजन किया गया। 4 दिसंबर को बारात के पहले सुबह नौ बजे से कन्या भोज व भंडारा होगा। जिस दिन बारात बड़ा मंदिर से आएगी उसके पूर्व यहां रात में देवी जागरण होगा। श्री देवल मंदिर को जनकपुरी की तरह सज़ाया जा रहा है और बारात का स्वागत यहां के निवासी करेंगे फिर जयमाला का कार्यक्रम किया जाएगा।

यहां की है, यह व्यवस्था
श्रीराम विवाहोत्सव एवं सामूहिक विवाह में शामिल होने के लिए आने वाले वर-वधुओं और उनके परिजनों के ठहरने की व्यवस्था समिति करती है। इस वर्ष जोड़ों के ठहरने की व्यवस्था त्रिशलानंदन गार्डन और सुदामा मैरिज हाल में की गई है। इस दौरान कन्याभोज और भंडारे के लिए बनने वाला भोजन काका कुटी में तैयार हो रहा है।

समिति देती है उपहार
श्री देवल मंदिर काली समिति श्रीराम विवाह उत्सव के साथ ही नि:शुल्क सामूहिक विवाह भी आयोजित करती है जिसमें समाज, जनप्रतिनिधियों और स्थानीय प्रशासन की मदद से संपूर्ण व्यय होता है। इसमें वर-वधुओं से कुछ नहीं लिया जाता है बल्कि समिति विवाह करने वाले जोड़ों को पांच बर्तन, पांच जेवर और कपड़े बतौर उपहार प्रदान करती है। श्री देवल मंदिर काली समिति की विशेषता यह है कि यहां कोई भी पदाधिकारी नहीं है, सभी सदस्य हैं और अपना आयोजन मानकर सहयोग करते हैं। यानी सबकुछ तीन दशक से केवल राम की कृपा से चल रहा है।

समाज करता है मदद
श्रीदेवल मंदिर में श्रीराम विवाह महोत्सव के लिए समिति करीब दो माह पूर्व से गांव-गांव जाकर सहयोग मांगती है और लोग सहर्ष सहयोग करते हैं। सहयोग में नगद राशि के अलावा अनाज भी प्राप्त किया जाता है। पूरे आयोजन के दौरान करीब चालीस हज़ार लोगों के भोजन की व्यवस्था होती है। इसके अलावा शहर के इस मंदिर में देशभर से आकर साधु-संत रुकते हंै और उनके ठहरने, भोजन, पानी आदि का प्रबंध मंदिर समिति करती है।

ये प्रमाण पत्र है जरूरी
श्रीराम विवाह उत्सव के दौरान विवाह करने वाले वर-वधुओं को कुछ जरूरी प्रमाण पत्र उपलब्ध कराने होते हैं। समिति इन वर-वधुओं से आधार कार्ड, आयु प्रमाण पत्र, मूल निवासी प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र, शैक्षणिक योग्यता प्रमाण पत्र और पासपोर्ट साइज के तीन फोटोग्राफ्स मांगती है। इसके साथ ही वर-वधुओं का सजातीय होना भी आवश्यक होता है।

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