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यदि नहीं बरती सावधानी तो, हो सकती है परेशानी

यदि नहीं बरती सावधानी तो, हो सकती है परेशानी

यदि नहीं बरती सावधानी तो, हो सकती है परेशानी

ठंड का मौसम स्वास्थ्यवर्धक सुखद और सुकून देने वाला माना जाता है। इसे स्वास्थ्य की दृष्टि से सर्वाधिक उपयुक्त माना जाता है। लेकिन, यदि आपने ज़रा सी लापरवाही की तो फिर ये आपके स्वास्थ्य पर भारी भी पड़ सकता है। अत: सर्दियों में अपनी सेहत का ख्य़ाल रखना भी बेहद ज़रूरी है। कहने को तो जाड़े का यह मौसम जुकाम, खांसी और बुख़्ाार जैसी मामूली बीमारी लेकर आता है, लेकिन इन मामूली बीमारियों पर आपने यदि लापरवाही बरती तो यह जानलेवा भी हो सकती हैं। सर्दियों में यह बीमारियां अक्सर आपको परेशान करती हैं, इसलिए इस मौसम में खानपान में सावधानी पहली जरूरत है। कोशिश करें कि आपका खाना भी सेहत के मुताबिक हो। सर्दियों में आपको इन बीमारियों के अलावा त्वचा, नेत्र जैसे रोगों के अलावा वायरल इन्फेक्शन की समस्या आ सकती है। इनसे बचने के लिए सावधानी जरूरी है।

इस तरह से करें उपाए
सर्दियों में सर्द हवाएं सर्वाधिक घातक होती हैं। अत: आपके शरीर में इन हवाओं का असर न हो, इसके लिए घर से निकलने से पहले गर्म कपड़े पहनना न भूलें। यदि सर्दियों का मौसम है, और आपके घर से निकलते वक्त मौसम अधिक ठंडा नहीं भी है तो आप स्वेटर, जैकैट, मफलर जरूर रखेेंं। अगर आप ठंड के मौसम में सजग नहीं रहेंगे तो आपको रोग घेर सकते हैं।

खानपान में इनको शामिल करें
सर्दियों में खानपान की विशेष भूमिका होती है। मौसम के अनुसार खानपान को आपने निर्धारित नहीं किया तो फिर आप बीमार हो सकते हैं। नीचे बताए चीजों को खानपान में शामिल करेंगे तो काफी हद तक सर्दियों पर विजय प्राप्त कर लेंगे।
अदरक : अदरक सर्दियों में सर्वप्रिय हो जाती है। सुबह सबसे पहले जो लोग चाय पीते हैं, वे सर्दियों के मौसम में अदरक चाय ही चाहते हैं क्योंकि अदरक की तासीर गर्म होती है, इसमें एंटीऑक्सीडेंट्स की मात्रा अधिक होती है। अदरक शरीर को संक्रमण से बचाने में मदद करती है।
दालचीनी- घर में किचन में शामिल दालचीनी भी सर्दियों में सेहत का ख्याल रखने में मददगार होती है। यह काफी गर्म होती है। गर्म दूध में शहद के साथ इसका खाने से आप सर्दी से बच सकते हैं। दालचीनी लगभग हर घर में आसानी से मिल सकती है।
तिल- तिल काले और सफेद दो तरह के होते हैं। तिल खाने से आपके शरीर में गर्मी रहती है। तिल के लड्डू, गजक, रेवड़ी सर्दियों के मौसम में खाना बॉडी के लिए फायदेमंद होता है। अत: तिल को भी अपने आहार में शामिल करें।

इन्हें भी शामिल करें
सर्दियों के मौसम में अपने खानपान में मक्का, बाजरे की रोटी घी, मक्खन, गुड के साथ सेवन करना स्वादिष्ट एवं गुणकारी होता है। अनार, आंवला, सेब, संतरा, अमरुद जैसे फल एवं गाजर, मूली, पालक, शकरकंद, गोभी, टमाटर, मटर जैसी सब्जियों में विटामिन, खनिज लवण एवं फाइबर प्रचुर मात्रा में होते हैं, जिससे ये फल एवं सब्जियां सेहत के लिए बहुत फायदेमंद होती हैं।

इनसे बचें
सर्दी के मौसम में हमेशा ठंडी चीजें जैसे आइसक्रीम, कोल्ड ड्रिंक एवं बासी भोजन से बचना चाहिए, ज्यादा ठंड होने पर अच्छी तरह गरम कपड़े पहन ओढ़कर ही बाहर निकलें, विशेष रूप से बच्चे, बूढ़े लोग एवं महिलाओं को अपना खास ध्यान रखना चाहिए, तापमान के घटने से इस समय रक्त गाढ़ा हो जाता है, इसलिए डायबिटीज, उच्च रक्त चाप एवं हृदय रोगियों को अतिरिक्त सावधानी रखनी चाहिए।

इस तरह से रखें सावधानी
सर्दियों में पाचन क्रिया बेहतर रहती है, अत: लोग भारी खानपान को अपना लेते हैंऔर वजन बढऩे की पूरी संभावना रहती है। अत: इससे बचे रहने के लिए नियमित व्यायाम, योगा को शामिल करें, सुबह की सैर, तेज कदमों से चलें या दौड़ लगायें, इन उपायों से शरीर से पसीने के रूप में हानिकारक तत्व बाहर निकल जाते हैं, रक्त संचार कंट्रोल रहता है और जरूरत से अधिक वजन भी नहीं बढ़ पाता। सुबह भ्रमण से आने के बाद हो सके तो कुछ देर सूर्य की धूप में बैठ कर सरसों, बादाम आदि के तेल से मालिश करें सूरज की किरणों से विटामिन डी मिलता है जो की हड्डियों की मजबूती एवं ताकत के लिए बहुत जरुरी होता है। मालिश से स्वास्थ्य सुधरता है, त्वचा की कान्ति निखरती है, त्वचा में चिकनापन आता है, मांसपेशियां मजबूत होती हैं, शरीर में खून का दौरा सुचारू रूप से चलता है, शरीर सुन्दर एवं सुगठित हो जाता है। इसलिए नित्य मालिश अवश्य करें।
पानी अवश्य पीयें
सर्दी में अधिकतर प्यास कम लगने से लोग पानी कम ही पीते हैं, जिससे शरीर में पानी की कमी हो जाती है, त्वचा फटने लगती है, कमजोरी आ सकती है अत: दिनभर में 7-8 गिलास पानी अवश्य पीयें। सर्दी में चाहें तो पानी गुनगुना करके पी सकते हैं। दिल के लिए सेहतमंद आहार लेना चाहिए और ज्यादा खाने से बचना चाहिए। रोज धूप में जाएं और एक्सरसाइज करें। थोड़ा आराम करते रहें ताकि चलते वक्त अचानक थकान महसूस न हो। बहुत ठंडे मौसम में सैर करने ना जाएं, बल्कि सूरज निकलने के बाद सैर करने जाएं। अपने कॉलेस्ट्रॉल का ध्यान रखें, क्योंकि सर्दियों में यह इम्बेलेंसड हो सकता है। हाईपोथर्मिया ऐसी समस्या है जो सर्दियों में सभी दिल के मरीजों को हो जाती है। सीने में हल्की सी भी बेचैनी, पसीना, जबड़े, गर्दन, बाजू और कंधों में दर्द, सांस का टूटना बिल्कुल नजरअंदाज ना करें।

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