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जहरीले सर्प के भय पर जीत, अभिजीत

जहरीले सर्प के भय पर जीत, अभिजीत

एक चेहरा भीड़ में…!

तीन साल में डेढ़ हजार से अधिक जहरीले सर्प पकड़कर जंगल में छोड़ चुके हैं जीत

गौसेवा भी है  जुनून
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इटारसी।
शहर के सर्प विशेषज्ञ अभिजीत यादव को जीवों से इतनी मित्रता है कि वे इन पर जुल्म बर्दाश्त नहीं कर सकते। कहीं भी कितना भी जहरीला सांप मिलने की खबर मिलते ही वे बिना देर किए वहां पहुंच जाते हैं और कोई उनको मारे इससे पहले उसे पकड़कर उनके मूल स्थान जंगल में छोड़ आते हैं। पिछले एक सप्ताह में ऐसे एक दर्जन से अधिक सांपों को वे जंगjeet-2ल में छोड़ चुके हैं। इसी तरह जीत को गाय, बछड़े और बैलों के बीमार होने, दुर्घटना में घायल होने की सूचना मिलते ही वे दवाओं के साथ मौके पर पहुंचकर उनका उपचार शुरु कर देते हैं। इन्हें पशु चिकित्सकों के साथ रहकर उपचार का लंबा अनुभव हो गया है और वे अपनी ओर से हर संभव कोशिश करते हैं कि गाय या अन्य पशु जिसका वे उपचार कर रहे हैं, ठीक हो जाए। जब लगता है कि मामला इनके वश का नहीं है तो वे पशु चिकित्सकों को बुलाते हैं। एक सप्ताह में अभिजीत ने ऐसे दर्जनों मवेशियों को उपचार देकर ठीक किया है।
निकनेम जीत से पहचाने जाने वाले अभिजीत को करीब तीन वर्ष पूर्व जीव के प्रति प्रेम उस वक्त जागा जब उसने शहर में निकलने वाले सांपों को लोगों को मारते देखा। अभिजीत को लगा कि यह गलत है और उसने ठान लिया कि वह ऐसा नहीं होने देगा। जीत ने सांपों पर अध्ययन किया और लोगों के घरों में निकलने वाले सांपों को पकड़कर जंगल में छोडऩा शुरु कर दिया। उसने इंटरनेट पर सांपों के विषय में जानकारी निकाली, टेलीविजन पर वाइल्ड लाइफ, एनीमल प्लानेट, डस्कवरी चैनल आदि देखे और देखकर अनुभव हासिल कर लिया।् आज उन्हें सर्प विशेषज्ञ के नाम से जाना जाता है। हालांकि वे स्वयं को एक साधारण इनसान ही मानते हैं जबकि उनकी असाधारण प्रतिभा को शहर के लोग पहचान चुके हैं।

 

गौसेवा भी है उनका जुनून
नाला मोहल्ला के सरदार भगत सिंह नगर निवासी जीत को जीव प्रेम के कारण पढ़ाई छोडऩी पड़ी। करीब आठ वर्ष पूर्व उसके मन में जीवों के प्रति दया के भाव आए और उसने गौसेवा शुरु की। उस वक्त वह कक्षा दसवी का छात्र था। जीत ने गौ सेवा शुरु की तो पढ़ाई के लिए वक्त ही नहीं मिला। गौ सेवा का काम आज भी जारी है। जहां भी कोई गाय को बीमार या कष्ट में होने की जानकारी मिलती है, जीत और उनकी टीम बिना कोई देर किए मौके पर पहुंच जाते हैं। जीत को मवेशियों को बीमारी में लगाने वाले इंजेक्शन भी पता हो गए। कब, कौन सी दjeet-3वा देनी है, यह भी उनको बखूबी पता है।

जीत की विशेषज्ञता का पता इसी बात से लगता है कि अब तो वन विभाग वाले भी जीत को सांप पकडऩे के लिए बुलाते हैं। अब तक वे महर्षि नगर, बारह बंगला, नाला मोहल्ला, मेहरागांव, नयायार्ड, पथरोटा, औद्योगिक क्षेत्र खेड़ा, होशंगाबाद सहित शहर के विभिन्न हिस्सों से कोबरा, रेट स्नैक, करैत, रसैल वाइपर आदि प्रजाति के सांप पकड़कर जंगल में छोड़ चुके हैं। जीत का कहना है कि वे सांप पकडऩे के लिए सौ रुपए चार्ज करते हैं, वह भी इसलिए कि उन्हें जंगल छोडऩे जाने के लिए पेट्रोल आदि खर्च करने पड़ते हैं। यदि किसी के घर में कोई सांप निकलता है तो जीत के टेलीफोन नंबर 9165623880 नंबर पर काल कर सकते हैं।jeet-4

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