इटारसी। विकासखंड केसला के ग्राम सोमलवाड़ाखुर्द एवं चांदौन में सुपर सीडर मशीन का प्रदर्शन किया। प्रदर्शन का मुख्य उद्देश्य किसानों को खेत की कटाई के उपरांत बचे नरवाई (फसल अवशेष) को बिना जलाए खेत में अगली फसल की बोनी करने की तकनीक से अवगत कराना था।
कार्यक्रम में एसडीएम इटारसी नीलेश शर्मा, तहसीलदार इटारसी श्रीमती सुनीता साहनी, सहायक कृषि यंत्री सीएस बरकड़े, उपयंत्री शोभित ठवरे, वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी सुनील बड़के, कृषि विस्तार अधिकारी श्रीमती भाग्यश्री चौधरी सहित अन्य कृषि अधिकारी एवं बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे।
प्रदर्शन के दौरान, सबसे पहले खेत में मल्चर मशीन का प्रदर्शन किया गया, जिसके बाद सुपर सीडर मशीन से बोनी का प्रदर्शन कर किसानों को दिखाया। यह तकनीक खेत की नरवाई को बिना जलाए खेत की तैयारी और बोनी संभव बनाती है, जिससे पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ मिट्टी की सेहत भी बनी रहती है।
किसानों को नरवाई प्रबंधन की अन्य तकनीकों के बारे में भी बताया गया, जैसे- नरवाई को बेलर मशीन से बंडल बनाकर खेत से हटाना, जिससे इन बंडलों को स्ट्रा कलेक्शन सेंटरों पर सप्लाई कर किसान अतिरिक्त आय भी अर्जित कर सकते हैं।
एसडीएम ने किसानों को नरवाई प्रबंधन तकनीकों को अपनाने की समझाइश दी। सहायक कृषि यंत्री ने बताया कि नरवाई प्रबंधन के लिए सुपर सीडर और मल्चर जैसे कृषि यंत्रों के उपयोग पर शासन द्वारा 50 प्रतिशत अनुदान और प्रबंधन हेतु राशि उपलब्ध कराई जा रही है, जिसकी जानकारी भी किसानों को दी गई। कार्यक्रम में उपस्थित कृषकों ने बेलन मशीन द्वारा नरवाई के बंडल बनाने के प्रति उत्सुकता दिखाई। अधिकारियों ने कार्यों की सराहना कर किसानों को उत्साहित किया।








