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बच्चे नहीं पढ़ सके हिन्दी, शिक्षक के निलंबन के निर्देश

बच्चे नहीं पढ़ सके हिन्दी, शिक्षक के निलंबन के निर्देश

होशंगाबाद। कलेक्टर अविनाश लवानिया एवं उनका प्रशासनिक अमला कलेक्टर एक्सप्रेस में सवार होकर बाबई के गुलौन गांव पहुंचा। कलेक्टर ने प्राथमिक तथा माध्यमिक शाला का निरीक्षण किया। उन्होंने विद्यार्थियों को गणित के सवाल हल करने के लिए कहा तथा हिंदी पढ़कर सुनाने को कहा। माध्यमिक शाला के विद्यार्थियों में से कई विद्यार्थियों ने सवालों के सही जवाब दिए। वहीं चौथी तथा पांचवीं कक्षा के विद्यार्थी साधारण गुणा नहीं कर पाए तथा 1-2 विद्यार्थियों के अलावा कोई भी हिंदी नहीं पढ़ पाया। कलेक्टर ने नाराजी व्यक्त करते हुए कक्षा के शिक्षक को निलंबित करने के निर्देश दिए। ग्राम चौपाल में उपस्थित ग्रामवासियों की सहमति से गांव की ही एक डीएड उत्तीर्ण युवती को स्कूल में अतिथि शिक्षक के रूप में नियुक्त करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि स्कूलों में शिक्षकों द्वारा बरती जा रही लापरवाही बिल्कुल बरदाश्त नहीं की जाएगी।
कलेक्टर को ग्रामीणों ने समस्याएं बतायीं। ग्राम पंचायत के अंतर्गत गुलौन तथा मेघली गांव के लोग चौपाल में उपस्थित थे। मेघली में 2 हैंडपंपों की आवश्यकता जतायी। कलेक्टर ने कार्यपालन यंत्री पीएचई को हैंडपंप उत्खनन के निर्देश दिए। बिजली की बदहाल व्यवस्था पर एमपीईबी के उपयंत्री ने बताया कि गुलौन में साढ़े 4 लाख तथा मेघली में करीब साढ़े 6 लाख की राशि बकाया है। कलेक्टर ने कहा कि अगर वे बकाया राशि का 50 प्रतिशत जमा कर देंगे तो बिजली सप्लाई बहाल हो जाएगी। इसके लिए 12 जनवरी को गांव में शिविर लगेगा। गांव के एक व्यक्ति नानकराम पटेल ने कलेक्टर के समक्ष यह जिम्मेदारी ली कि वह सभी ग्राम वासियों को शिविर में एकत्र कर बकाया राशि का भुगतान करने के लिए प्रेरित करेगा।
कलेक्टर ने घोषणा की कि मेघली तथा गुलौन में 38 परिवारों को बीपीएल सूची में जोड़ा गया है तथा इस माह से उन्हें राशन प्राप्त होने लगेगा। कलेक्टर ने लोगों से कहा कि छोटी मोटी बीमारियां होने पर वे आंगनवाड़ी से दवाईयां प्राप्त कर सकते हैं। उन्होंने ग्राम वासियों को कुपोषण के बारे में समझाइश देते हुए कहा कि सभी लोग अपने बच्चों को नियमित रूप से आंगनवाड़ी भेजें तथा उनके खानपान का ध्यान रखें। एएनएम द्वारा बताया गया कि गांव में एक अति कम वजन की बच्ची है जिसे उसके माता पिता एनआरसी में भर्ती कराने को तैयार नहीं हैं। इस पर कलेक्टर ने तहसीलदार को उक्त बालिका की एनआरसी में भर्ती सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए। पशु चिकित्सक तथा उद्यानिकी विस्तार अधिकारी के कार्य पर असंतोष व्यक्त कर दोनों को कारण बताओ नोटिस देने के निर्देश दिए। कांति कुशवाह नामक दिव्यांग छात्रा को कॉलेज जाने के लिए मोटराईज्ड ट्राई साईकल देने की घोषणा की। इस अवसर पर जिला पंचायत सीईओ पीसी शर्मा, एसडीएम मनोज उपाध्याय, तहसीलदार शिवानी पांडे, जनपद पंचायत सीईओ पूनम दुबे तथा अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

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