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सामाजिक समरसता हमारी संस्कृति में है : चौहान

सामाजिक समरसता हमारी संस्कृति में है : चौहान

होशंगाबाद। प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि सामाजिक समरसता को हमारे देश ने बहुत पहले ही आत्मसात कर लिया था। सामाजिक समरसता हमारी संस्कृति में है। सब सुखी हों, सबका कल्याण हो यह हमारी संस्कृति की मूल भावना है। यह संपूर्ण भारत का भाव है। इस भाव को अनेक महापुरुषों ने आत्मसात किया। बल्लभाचार्य भक्ति के रंग में रंगे तो महात्मा फुले ने सबसे पहले महिला शिक्षा के लिए विद्यालय खोला। मुख्यमंत्री श्री चौहान आकाशवाणी के माध्यम से दिल की बात कार्यक्रम में प्रदेशवासियों को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि बाबा साहब अंबेडकर महान विद्यवान, समाजशास्त्री, समाज सुधारक, महान ज्ञाता थे। कई बार लगता है कि एक ही व्यक्ति के अंदर इतनी योग्यता कैसे है। मुख्यमंत्री ने कहा कि भगवान परशुराम की जयंती 18 अप्रैल को आ रही है, उन्होंने अन्याय एवं शोषण के खिलाफ संघर्ष किया वहीं आदि गुरू शंकराचार्य कहते थे कि एक ही चेतना सब में हैं। उन्होंने संपूर्ण भारत वर्ष को एक सांस्कृतिक रूप से बांधा। मुख्यमंत्री ने कहा कि अप्रैल माह में बड़े-बड़े महापुरूषों ने जन्म लिया।
श्री चौहान ने कहा कि उन्होंने बाबा साहब के रास्ते पर चलकर अपनी सरकार चलाई है। उनसे प्रभावित होकर अनेक फैसले लिए हैं। कुछ लोग अफवाह फैला रहे हैं कि संविधान सुरक्षित नहीं है, संविधान बचाओ। मुख्यमंत्री ने कहा कि बाबा साहब कहते थे कि शिक्षित बनो, संचित बनो, संघर्ष करो, उनकी सरकार ने प्रदेश में कमजोर वर्गों के लिए आश्रम शाला, छात्रावास बनाए हैं। उनकी भलाई के लिए एक नहीं अनेकों कदम उठाए हैं। जो छात्र पढ़ाई के लिए घर किराये से लेते हैं उनका संपूर्ण खर्च सरकार उठाती है। अनुसूचित जनजाति के 50 बच्चे हर वर्ष उच्च शिक्षा के लिए विदेश जाते हैं, उनका संपूर्ण खर्च शासन वहन करती है। श्री चौहान ने कहा कि हमने समाज के कमजोर तबको को संगठित करने के लिए उनके पंजीयन की व्यवस्था की है। सभी असंगठित श्रमिको का पंजीयन किया जा रहा है। असंगठित श्रमिकों को पंजीयन के बाद पक्का आवास दिया जाएगा। उनके बच्चो की पढ़ाई का संपूर्ण खर्च शासन उठाएगी। श्रमिको के लिए प्रतिमाह दो सौ रुपए बिजली बिल तय किया है। उनके इलाज की व्यवस्था फ्री रहेगी। दुर्घटना में मृत्यु होने पर श्रमिक के परिवार को 4 लाख रूपए की राशि दी जाएगी। श्रमिको को स्वरोजगार के लिए प्रशिक्षण दिये जायेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि हम बाबा साहब के कदम पर चल रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में एक लाख युवाओं के लिए नौकरी निकाली जायेगी। शिक्षक भर्ती में महिलाओं को 50 प्रतिशत आरक्षण दिया जायेगा। संविदा की नीति शोषण की व्यवस्था है, इसे समाप्त कर नई नीति बनाई जा रही है। हमने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को सम्मानजनक वेतन देने का फैसला किया है। केन्द्र जितना मंहगाई भत्ता देगा हम भी अधिकारी एवं कर्मचारियों को केन्द्र के समान ही मंहगाई भत्ता देंगे। पोस्ट मेट्रिक छात्रवृत्ति के अंतर्गत तीन लाख रुपए की वार्षिक सीमा समाप्त कर दी गई है। अनुसूचित जाति के बच्चों को लोक सेवा गांरटी के माध्यम से डिजिटल जाति प्रमाण पत्र प्रदान किये जायेंगे।

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