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नशे का शौक पूरा करने, कर दी मासूम की हत्या

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होशंगाबाद। बहुचर्चित फैजान हत्याकांड के आरोपियों को गिरफ्तार कर पुलिस ने संपूर्ण मामले का खुलासा कर दिया है। जुआ खेलने और नशा करने के शौक ने दो युवकों ने फैजान की हत्या कर दी। आरोपी युवक फैजान के परिवार की दुकान पर काम करता था। उसने अपने भाई के साथ ही मिलकर महज चालीस हजार रुपए के लिए फैजान की हत्या कर दी। अब दोनों पुलिस की गिरफ्त में हैं। आज एसपी एमएल छारी, एडिशनल एसपी घनश्याम मालवीय सहित अन्य पुलिस अधिकारियों की मौजूदगी में संपूर्ण मामले का खुलासा किया गया।
घटना 11 सितंबर को दोपहर 1:30 बजे की है, जब बस स्टैंड होशंगाबाद पर स्थित हंगामा सेल से फैजान चालीस हजार रुपए लेकर बस स्टैंड के ही दूसरी ओर स्थित बंधन बैंक जाने के लिए निकला था। उसके बाद वह लौटकर नहीं आया। उसकी गुमशुदगी उसके परिजनों ने उसी रात करीब 8 बजे थाना कोतवाली में दर्ज करायी थी। इसी दौरान 16 सितंबर को उसका शव डोलरिया रोड पर ग्राम रोहना के पास झाडिय़ों में पड़ा होने की सूचना ग्राम कोटवार ने देहात पुलिस को दी थी। प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक एमएल छारी ने फैजान के हत्यारों का सुराग देने पर दस हजार रुपए का ईनाम भी घोषित किया था।
पुलिस की जांच में सामने आया है कि हंगामा सेल के कर्मचारी सतीश यादव और उसका भाई मनीष यादव प्रकरण में लिप्त हैं। पुलिस ने दोनों की खोज की जो शुक्रवार को तड़के मालाखेड़ा में होली चौक पर उनके घर से गिरफ्तार किये गये। दोनों ने पहले पुलिस को गुमराह किया लेकिन जब सख्ती से पूछताछ की गई तो उन्होंने अपना जुर्म कबूल कर लिया। दोनों आरोपी जुआ खेलने और नशा करने के आदी हैं तथा टीवी पर फिल्मे देखने और क्राइम पेट्रोल जैसी टीवी सीरियल देखने के भी शौकीन हैं। अपना शौक पूरा करने के लिए सतीश यादव ने अपने भाई मनीष के साथ मिलकर योजना बनायी थी। उसे पता था कि फैजान रोज अपनी दुकान से बड़ी राशि लेकर बंधन बैंक में जमा करने जाता है। सतीश 9, 10 एवं 11 सितंबर को दुकान नहीं आया था और उसने 9 सितंबर को ही अपना मोबाइल बंद कर लिया था।
दरअसल, 11 सितंबर को जब फैजान दुकान से पैसे लेकर बैंक के लिए निकला तो रास्ते में सतीश और मनीष ने उसे बहला-फुसलाकर नदी में आयी बाढ़ दिखाने ले जाने के बहाने बाइक पर बिठा लिया। सतरस्ता-ग्वालटोली-एसपीएम-टोल नाका होते हुए ग्राम रोहना के आगे डोलरिया रोड पर ले गये थे। 11 सितंबर को भारी बारिश हो रही थी जिससे रोड सुनसान थे। आरोपियों ने उसका लाभ उठाकर फैजान को ग्राम रोहना के पास रोककर 40 हजार रुपए छीनने की कोशिश की। जब फैजान ने रुपए देने से इनकार कर दिया तो मनीष ने फैजान के सिर पर लोहे के पाइप से वार किया। इसके बाद फैजान रोड किनारे लगी झाडिय़ों एवं खेत के बीच भरे पानी में ओंधे मुंह गिर गया। तभी मुख्य आरोपी सतीश ने फैजानका गला घोंटकर हत्या कर दी और फैजान की जेब से 40 हजार रुपए निकालकर मालाखेड़ी वापस आ गये। उसके पास रखा बैंक का रसीद कट्टा, मोबाइल एवं चप्पलें झाडिय़ों में फैंक दी। किसी को शक न हो, इसके लिए सतीश उसी दिन शाम को हंगामा सेल पर काम करने भी पहुंच गया। वह फैजान के परिजनों की गतिविधियों पर नजर रखे हुए था। लेकिन, उनकी चतुराई काम न आयी और दोनों भाई पुलिस की गिरफ्त में आ गये।
कोतवाली पुलिस ने फैजान से लूटे गये पैसों में से 25 हजार रुपए, घटना में प्रयुक्त बाइक एमपी 05, एमटी-9738, लोहे का पाइप जब्त कर धारा 302, 397, 364, 363, 201, 34 के तहत प्रकरण पंजीबद्ध किया। इस मामले को सुलझाने में एसडीओपी मोहन सारवान, थाना कोतवाली प्रभारी विक्रम रजक, थाना प्रभारी देहात आशीष पवार, एसआई देवेन्द्र कुमरे, हेमंत निशोध, एएसआई संजय पांडे, प्रधान आरक्षक पावेल मसीह, मनोज, आरक्षक महेन्द्र, अंकित, विशाल, रवि, आशीष गीते, प्रीतम, राजकुमार झपाटे, वीरेन्द्र श्रीवास्तव, मनमोहन, अरविंद चौबे, चेतन, वैभव, रीतिश की मुख्य भूमिका रही।

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