सिवनी मालवा। नगर में अक्षय तृतीया एवं भगवान परशुराम जन्मोत्सव के पावन अवसर पर एक ऐसी ऐतिहासिक शोभायात्रा निकली, जिसने श्रद्धा, शक्ति और सांस्कृतिक चेतना का अनूठा उदाहरण पेश किया। हनुमान मंदिर से विधि-विधान से शुरू हुई इस यात्रा में भगवान परशुराम के जयघोष से समूचा नगर गुंजायमान हो उठा।
नारी शक्ति और युवा शौर्य का अद्भुत प्रदर्शन

इस वर्ष की शोभायात्रा का मुख्य आकर्षण बालिकाओं का शस्त्र प्रदर्शन रहा। तलवार और फरसा जैसे पारंपरिक शस्त्रों के संचालन से बालिकाओं ने न केवल अपनी वीरता का परिचय दिया, बल्कि नारी शक्ति का एक प्रभावशाली संदेश भी प्रसारित किया।
यात्रा के अन्य मुख्य आकर्षण रहे
- मलखंभ अखाड़े : युवाओं ने मलखंभ पर हैरतअंगेज करतब दिखाकर दर्शकों को दांतों तले उंगली दबाने पर मजबूर कर दिया।
- शास्त्र और शस्त्र का समन्वय : कर्मकांडी पंडितों और युवाओं ने यह संदेश दिया कि समाज के रक्षण के लिए शास्त्र ज्ञान के साथ शस्त्र का कौशल भी अनिवार्य है।
- भव्य स्वागत : नगर के प्रमुख मार्गों पर जगह-जगह पुष्पवर्षा और स्वागत द्वारों से यात्रा का अभिनंदन किया गया।
सम्मान और कृतज्ञता का भाव
शोभायात्रा का समापन राम जानकी राधा कृष्ण मंदिर में महाआरती के साथ हुआ। इसके पश्चात आयोजित कार्यक्रम में समाज के आधार स्तंभों और प्रतिभाओं का सम्मान किया गया।
- वरिष्ठजन सम्मान : 80 वर्ष से अधिक आयु के बुजुर्गों एवं समाज के पूर्व अध्यक्षों (विकास पाठक, समर शर्मा, वीरेंद्र मिश्रा, डॉ. चौबे, शिवशंकर पंचोली आदि का आत्मीय अभिनंदन किया गया।
- विशिष्ट अतिथि : भाजपा जिला अध्यक्ष प्रीति शुक्ला, पूर्व जिला अध्यक्ष संतोष पारीख एवं पार्षद अनुराधा दीक्षित को भी मंच से सम्मानित किया गया।
- खेल प्रतिभा: कुश्ती में स्वर्ण पदक जीतकर क्षेत्र को गौरवान्वित करने वाले सत्यम तिवारी चतरखेड़ा का विशेष सम्मान किया गया।
एकता और परंपरा का संदेश
कार्यक्रम का संचालन युवा पत्रकार राजा तिवारी, सुब्रत शर्मा और दीपक दीक्षित द्वारा किया गया। इस आयोजन ने न केवल ब्राह्मण समाज की एकता को प्रदर्शित किया, बल्कि सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक गौरव की एक नई इबारत भी लिखी।
इनका कहना है…
समाज के सामूहिक सहयोग और समर्पण से ही यह विशाल आयोजन सफल हो सका है। हमारा उद्देश्य नई पीढ़ी को अपनी गौरवशाली परंपराओं और संस्कृति से जोडऩा है।
प्रवीण अवस्थी, अध्यक्ष, ब्राह्मण समाज










