नर्मदापुरम। थाना देहात पुलिस ने पवारखेड़ा बस्ती स्थित श्री ठाकुर जी मंदिर में हुई सनसनीखेज चोरी का खुलासा करते हुए दो शातिर आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने मंदिर से अष्टधातु की प्राचीन मूर्ति सहित अन्य कीमती सामान चोरी कर उसे गला दिया और कबाड़े में बेच दिया था। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से चोरी की राशि भी बरामद कर ली है।
क्या था पूरा मामला?
बीती 5 अप्रैल 2026 को पवारखेड़ा बस्ती निवासी फरियादी राजेंद्र पालीवाल ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि 4 अप्रैल की रात अज्ञात चोरों ने श्री ठाकुर जी मंदिर का ताला तोड़कर गर्भगृह में रखी करीब 3 किलो वजनी अष्टधातु की प्राचीन राधा-कृष्ण की मूर्ति, लड्डू गोपाल की प्रतिमा, पीतल का पंचमुखी दीपक और गरुड़ घंटी चोरी कर ली थी।
सीसीटीवी और तकनीकी साक्ष्यों से दबोचे गए आरोपी
पुलिस अधीक्षक साईं कृष्णा एस थोटा के मार्गदर्शन में गठित टीम ने लगातार सीसीटीवी फुटेज खंगाले और संदेहियों पर नजर रखी। 4 मई 2026 को मुखबिर की सटीक सूचना पर पुलिस ने फेफरताल के तालाब मोहल्ला क्षेत्र में घेराबंदी कर दो युवकों को हिरासत में लिया। पूछताछ में आरोपियों महेंद्र उर्फ डेनी मेहरा 30 वर्ष, निवासी तालाब मोहल्ला, फेफरताल, प्रशांत बाईया 23 वर्ष, निवासी तालाब मोहल्ला, फेफरताल।
तालाब किनारे गला दी मूर्ति, कबाड़े वाले की तलाश जारी
कड़ाई से पूछताछ करने पर आरोपियों ने जुर्म कबूल कर लिया। उन्होंने बताया कि चोरी के बाद उन्होंने मंदिर की दान पेटी नहर के पास झाडिय़ों में फेंक दी थी। अष्टधातु और पीतल की मूर्तियों को तालाब के किनारे आग में गलाकर छोटे-छोटे टुकड़े किए और एक कबाड़े वाले को 15,400 रुपये में बेच दिया। पुलिस ने महेंद्र के पास से 4,200 रुपये और प्रशांत के पास से 6,000 रुपये बरामद किए हैं। पुलिस अब उस कबाड़े वाले की तलाश कर रही है जिसने चोरी का यह सामान खरीदा था।
इनकी रही सराहनीय भूमिका
इस कार्रवाई में देहात थाना प्रभारी निरीक्षक सौरभ पाण्डेय, सउनि प्रवीण शर्मा, प्रधान आरक्षक अमित शर्मा, आरक्षक कपिल विश्वकर्मा, जितेंद्र सिंह राजपूत, महेंद्र सिंह धुर्वे और संजू उइके की महत्वपूर्ण भूमिका रही।










