इटारसी। थाना केसला के अंतर्गत ग्राम सहेली में खेत की मेढ़ पर अवैध रूप से फैलाए बिजली के करंट की चपेट में आने से एक किसान की मौत के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। लंबी मर्ग जांच के बाद पुलिस ने आरोपी सुनील धुर्वे के खिलाफ लापरवाही पूर्वक बिजली करंट फैलाकर मृत्यु कारित करने का अपराध दर्ज किया है।
क्या है पूरा मामला?
घटना पिछले वर्ष 29 सितंबर 2025 की सुबह करीब 06 बजे की है। ग्राम हिरणचापड़ा निवासी 50 वर्षीय कैलाश धुर्वे पिता लालजी धुर्वे, सुनील धुर्वे के खेत के पास से गुजर रहे थे। इसी दौरान सुनील धुर्वे द्वारा अपनी फसल की सुरक्षा के लिए झटका मशीन के नाम पर अवैध रूप से फैलाए नंगे तारों में दौड़ रहे तेज बिजली करंट की चपेट में कैलाश आ गए, जिससे उनकी मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई थी।
सुरक्षा नहीं, लापरवाही बनी जानलेवा
घटना के बाद पुलिस ने मर्ग कायम कर सूक्ष्मता से जांच शुरू की थी। जांच में यह तथ्य सामने आया कि आरोपी सुनील धुर्वे पिता सुरेश धुर्वे 30 वर्ष ने खेत की मेढ़ पर बिजली का करंट अत्यंत लापरवाही पूर्वक फैलाया था। कैलाश धुर्वे जब अपने नियमित आवागमन के दौरान वहां से गुजरे, तो उन्हें इस खतरे का आभास नहीं था और करंट लगने से उनकी जीवन लीला समाप्त हो गई।
उप निरीक्षक उमाशंकर यादव की तस्दीक और मर्ग जांच प्रतिवेदन के आधार पर, थाना केसला में 18 मार्च 2026 की शाम 18:13 बजे अपराध दर्ज किया है। आरोपी सुनील धुर्वे के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता की धारा 106(1) के तहत मामला पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया है।










