इटारसी। बढ़ती तपन और भीषण गर्मी के दस्तक देते ही बेजुबान पक्षियों के लिए दाना-पानी का संकट खड़ा हो गया है। इस समस्या को देखते हुए वैश्य महासम्मेलन मध्य प्रदेश, महिला इकाई इटारसी ने एक सराहनीय कदम उठाया है। प्यासे परिंदों के नाम, इटारसी की वैश्य महिलाओं का पैगाम के संकल्प के साथ संगठन की महिलाओं ने सकोरे वितरित कर जीव-सेवा का अनूठा अभियान शुरू किया है।
जीव-सेवा का संकल्प
गुरुवार को इकाई की अध्यक्ष श्रीमती अंजू गुप्ता के निवास पर आयोजित मासिक बैठक केवल चर्चा तक सीमित नहीं रही, बल्कि पर्यावरण और जीव संरक्षण की कार्यशाला में बदल गई। बैठक के दौरान संगठन की सभी सदस्यों ने बढ़ते तापमान को देखते हुए मिट्टी के सकोरे दान किए और उन्हें अपने घरों की छतों, बालकनियों और सार्वजनिक स्थानों पर रखने का सामूहिक संकल्प लिया।
एक छोटा सकोरा, किसी के लिए जीवनदान
कार्यक्रम में विशेष रूप से उपस्थित जिलाध्यक्ष श्रीमती श्रद्धा अग्रवाल ने इस पहल को मानवता का धर्म बताया। उन्होंने कहा मानवता की सेवा के साथ-साथ मूक जीव-जंतुओं की सेवा हमारा परम कर्तव्य है। गर्मी के इस दौर में रखा एक सकोरा पानी किसी प्यासे पक्षी के लिए जीवनदान साबित हो सकता है। यह केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि संवेदनाओं को जगाने का अभियान है।
घर-घर पहुंचाया जाएगा संदेश
इकाई ने तय किया है कि यह अभियान केवल सदस्यों तक सीमित नहीं रहेगा। प्रत्येक सदस्य अपने मोहल्ले में कम से कम 5-5 अन्य परिवारों को इस मुहिम से जोड़ेंगी और उन्हें पक्षियों के लिए पानी रखने हेतु प्रेरित करेंगी। इस पहल का उद्देश्य शहर के हर घर की छत पर पक्षियों के लिए शीतल जल की उपलब्धता सुनिश्चित करना है। इस सेवाभावी गतिविधि में जिलाध्यक्ष श्रद्धा अग्रवाल, अध्यक्ष अंजू गुप्ता के साथ रंजीता सोनी, वर्षा अग्रवाल, भावना अग्रवाल, रीना बंग, विनीता अग्रवाल, अर्चना अग्रवाल और जयश्री सहित संगठन की अन्य पदाधिकारी व सदस्य उपस्थित रहीं।










