इटारसी। मिडिल ईस्ट में जारी भीषण युद्ध और मिसाइलों के धमाकों के बीच, नर्मदापुरम जिले के ग्राम सुपरली के कलाकार योगेंद्रपाल सिंह सोलंकी ने कला के माध्यम से विश्व शांति का अनूठा आह्वान किया है। सोलंकी ने अपनी विशिष्ट धान्य कला के जरिए धान, गेहूं, रागी, अलसी और तिल जैसे विविध अनाजों का उपयोग कर शांति के प्रतीक सफेद कबूतर की आकृति उकेरी है। इस कलाकृति के माध्यम से उन्होंने भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित रूस, चीन, फ्रांस और इंग्लैंड के राष्ट्राध्यक्षों से युद्ध रोकने और मानवता को बचाने की भावुक अपील की है।
कलाकार योगेंद्रपाल सिंह ने अपनी कृति में यह गहरा संदेश छिपाया है कि युद्ध का विनाशकारी प्रभाव केवल इंसानों पर ही नहीं, बल्कि वैश्विक खाद्य सुरक्षा और बेजुबान पक्षियों पर भी पड़ता है। उन्होंने पक्षी समुदाय की ओर से एक मार्मिक पत्र के रूप में शांति की गुहार लगाते हुए कहा कि बारूद की गंध ने नभ में उडऩे वाले परिंदों के घोंसले और प्रकृति का संतुलन बिगाड़ दिया है। अन्न को जीवन का आधार बताते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि सच्ची मानवता और विकास का मार्ग केवल प्रेम व भाईचारे से ही संभव है, न कि विध्वंसक हथियारों से।










