इटारसी। मालवीयगंज क्षेत्र स्थित ऐतिहासिक श्री बूढ़ी माता मंदिर में ज्येष्ठ माह की शुक्ल अष्टमी के पावन अवसर पर मां धूमावती की जयंती अगाध श्रद्धा और अभूतपूर्व उत्साह के साथ मनाई गई। इस धार्मिक महोत्सव के दौरान पूरा मंदिर परिसर महामाई के जयकारों से गुंजायमान रहा। सुबह से शुरू हुए अनुष्ठानों का सिलसिला देर रात तक चलता रहा, जिसमें शहर सहित आसपास के ग्रामीण अंचलों से आए हजारों श्रद्धालुओं ने हिस्सा लिया।
अलसुबह दिव्य श्रृंगार और वैदिक मंत्रोच्चार से गूंजा परिसर
जयंती महोत्सव की शुरुआत सोमवार सुबह मां धूमावती के स्वरूप श्री बूढ़ी माता की प्रतिमा के विशेष और मनोहारी श्रृंगार के साथ हुई। माता रानी के इस अलौकिक रूप के दर्शनों के लिए सुबह से ही भक्तों की कतारें लग गईं। इसके बाद मंदिर के मुख्य पुजारी द्वारा वैदिक रीति-रिवाज और मंत्रोच्चार के बीच भव्य महाआरती संपन्न कराई गई। लोक-कल्याण और नगर की सुख-समृद्धि की कामना को लेकर आयोजित विशेष हवन में श्रद्धालुओं ने अपनी आहुतियां दीं। माता रानी को ससम्मान यज्ञशाला में आमंत्रित कर विधि-विधान से पूर्णाहूति दी गई।
कड़ी धूप और तपती गर्मी पर भारी पड़ी आस्था, भंडारे में उमड़े हजारों भक्त
दोपहर के सत्र में मंदिर परिसर में भंडारे का आयोजन किया गया। ज्येष्ठ माह की तपती गर्मी और तेज धूप के बावजूद भक्तों की आस्था में कोई कमी नहीं दिखी। महाप्रसाद ग्रहण करने के लिए महिला, पुरुष और बच्चों की लंबी-लंबी कतारें लगी रहीं। व्यवस्थाओं को सुचारू बनाए रखने के लिए मंदिर समिति के सेवादारों और स्थानीय युवाओं की टोली मुस्तैद रही, जिसके चलते हजारों श्रद्धालुओं ने बेहद सुगमता से धर्म लाभ अर्जित किया। देर शाम तक मंदिर परिसर में उत्सव जैसा माहौल बना रहा।
शाम को सजी भजनों की महफिल
शाम 4 बजे से मंदिर परिसर में महिला मंडल द्वारा सामूहिक भजन संध्या का आयोजन किया गया। महिलाओं द्वारा प्रस्तुत किए गए सुमधुर और पारंपरिक देवी भजनों ने उपस्थित जनसमुदाय को झूमने पर मजबूर कर दिया, जिससे पूरा वातावरण पूरी तरह भक्तिमय हो गया।
दशकों पुरानी है मान्यता, तांत्रिक और सात्विक पद्धति का संगम
इटारसी के मालवीयगंज में स्थित श्री बूढ़ी माता मंदिर की महिमा बेहद निराली और प्राचीन है। क्षेत्र में यह वर्षों पुरानी अटूट मान्यता है कि यहाँ कई दशकों पहले स्थापित की गई बूढ़ी माता साक्षात दस महाविद्याओं में से एक ‘मां धूमावती’ का ही स्वरूप हैं। यही वजह है कि हर साल ज्येष्ठ अष्टमी पर यहाँ धूमावती जयंती अत्यंत भव्य स्तर पर मनाई जाती है, जहां सात्विक पद्धतियों का अनूठा संगम देखने को मिलता है।
इस पूरे गरिमामय धार्मिक महोत्सव के मुख्य आयोजक रवि तोशनीवाल ने कार्यक्रम की विस्तृत जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि इस वर्ष आयोजन को भव्यता प्रदान करने में ‘खुशी मल्टी विजन’ के माध्यम से अत्यंत सराहनीय और विशेष सहयोग प्राप्त हुआ, जिसके लिए उन्होंने सभी सहयोगियों और श्रद्धालुओं का आभार व्यक्त किया।











