पचमढ़ी/नर्मदापुरम। ‘मध्य प्रदेश के अमरनाथ’ के नाम से विख्यात पचमढ़ी के ऐतिहासिक नागद्वारी मेले में आस्था और श्रद्धा का अभूतपूर्व सैलाब उमड़ रहा है। अब तक लगभग 5 लाख से अधिक श्रद्धालु दुर्गम रास्तों को पार कर बाबा नागराज और वासुकी महादेव के दर्शन कर चुके हैं। ‘बम-बम भोले’ और ‘जय नागदेव’ के जयकारों के बीच प्रतिदिन हजारों की संख्या में नए श्रद्धालु इस पवित्र यात्रा में शामिल हो रहे हैं।
प्रशासन ने संभाला मोर्चा, चप्पे-चप्पे पर कड़ी निगरानी


नर्मदापुरम कलेक्टर सोमेश मिश्रा और एसपी साई कृष्ण एस थोटा ने पचमढ़ी पहुंचकर मेला व्यवस्थाओं की कमान स्वयं संभाल ली है। जिला पंचायत सीईओ हिमांशु जैन और एसडीएम आकिप खान की देखरेख में पूरा मेला क्षेत्र विभिन्न सेक्टरों में विभाजित किया गया है। अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश हैं कि पार्किंग और ट्रैफिक व्यवस्था सुचारू रहे और श्रद्धालुओं को जाम या किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। बारिश और फिसलन को देखते हुए पहाड़ी रास्तों पर विशेष सतर्कता बरती जा रही है।
मेले की प्रमुख व्यवस्थाएं
- स्वच्छता एवं पर्यावरण: समूचे मेला क्षेत्र को सिंगल-यूज़ प्लास्टिक से मुक्त रखा गया है और जगह-जगह सफाईकर्मियों की तैनाती कर कचरा प्रबंधन सुनिश्चित किया गया है।
- कड़ी सुरक्षा व्यवस्था: सतपुड़ा टाइगर रिजर्व के कठिन, संकरे मोड़ों और गहरी खाइयों के पास पुलिस, होमगार्ड और रेस्क्यू टीमों को तैनात किया गया है।
- जीवनदायिनी स्वास्थ्य सेवाएं: मार्गों पर अस्थाई चिकित्सा केंद्र और एम्बुलेंस अलर्ट मोड पर हैं। हाल ही में 14 अगस्त को स्वास्थ्य टीम की त्वरित कार्रवाई से नागपुर के 56 वर्षीय गंभीर श्रद्धालु गजानंद सिंधे की जान बचाई गई।
- निशुल्क भंडारा एवं सुविधाएं: सामाजिक संस्थाओं के सहयोग से श्रद्धालुओं के लिए जगह-जगह निशुल्क भोजन-भंडारे और शुद्ध पेयजल की उत्तम व्यवस्था की गई है।
श्रद्धालुओं में भारी उत्साह
सतपुड़ा की पहाड़ियों में लगातार बदलते मौसम और रिमझिम बारिश के बावजूद भक्तों का जोश बरकरार है। बेहतर प्रशासनिक प्रबंधन की सराहना करते हुए महाराष्ट्र से आए श्रद्धालु रमेश पाटिल ने कहा, “रास्ते कठिन जरूर हैं, लेकिन प्रशासन की ओर से की गई स्वास्थ्य, शुद्ध पेयजल और भंडारे की व्यवस्थाओं ने यात्रा को बहुत आसान और सुखद बना दिया है।”











