इटारसी। मंगलवार शाम खेड़ा क्षेत्र में एक एथेनॉल गैस टैंकर में वेल्डिंग के दौरान हुए भीषण विस्फोट में घायल हुए लोगों ने अब सरकार से मदद की गुहार लगाई है। विस्फोट के कारण गंभीर रूप से घायल ये सभी लोग गरीब पृष्ठभूमि से हैं और उनका कहना है कि इस हादसे ने उनके सामने घर चलाने का विकट संकट खड़ा कर दिया है।
घायलों, जिनमें वेल्डिंग का काम करने वाले निताई बख्शी, शहजाद खान, आकाश यादव, और भगवती पाल शामिल हैं, उन्होंने एक स्वर में सरकार से मुआवजे और तत्काल सहायता की मांग की है।
इलाज का खर्च और परिवार की रोटी
घायलों की पीड़ा केवल शारीरिक नहीं है, बल्कि उनकी मजबूरी आर्थिक भी है। उन्होंने अपनी बात रखते हुए कहा हमारे इलाज का पूरा पैसा सरकार दे और जब तक हमारा उपचार चल रहा है और हम काम करने में सक्षम नहीं हैं, तब तक हमारे घर का खर्च सरकार उठाए।
ये सभी दिहाड़ी मजदूर या छोटे कामगार हैं। घायल होने के बाद उनका काम पूरी तरह ठप हो गया है। उनके परिवारों में कमाने वाला कोई दूसरा नहीं है, जिससे इलाज के साथ-साथ परिवार के भरण-पोषण की चिंता उन्हें सता रही है।
अंधेरे में डूबा भविष्य
वेल्डिंग करने वाले निताई बख्शी, शहजाद खान, आकाश यादव, और भगवती पाल जैसे लोग अपनी मेहनत से परिवार का पेट पालते थे। अचानक हुए इस हादसे ने न सिर्फ उन्हें बिस्तर पर ला दिया है, बल्कि उनके परिवार के भविष्य को भी अंधेरे में धकेल दिया है। परिजनों की आंखें नम हैं, एक तरफ अपनों के इलाज की चिंता है, तो दूसरी तरफ घर में राशन कैसे आएगा इसकी फिक्र।
मंगलवार को शाम करीब पौने पांच बजे राष्ट्रीय राजमार्ग 46 पर खेड़ा क्षेत्र में एथेनॉल गैस के खाली टैंकर में वेल्डिंग के दौरान यह जोरदार ब्लास्ट हुआ था, जिसमें कई लोग बुरी तरह घायल हो गए। अब इन गरीब घायलों की उम्मीदें केवल सरकार पर टिकी हैं कि उनकी पीड़ा को समझते हुए जल्द से जल्द आर्थिक सहायता और उचित मुआवजा प्रदान किया जाएगा।








