इटारसी। मध्यप्रदेश का हृदय स्थल इटारसी 23 और 24 अप्रैल को एक ऐतिहासिक आध्यात्मिक समागम का साक्षी बनने जा रहा है। शहर में पहली बार अखिल भारतीय किन्नर सनातन संत सम्मेलन का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें देश के कोने-कोने से लगभग 500 किन्नर संत अपनी उपस्थिति दर्ज कराएंगे।
युद्ध स्तर पर जारी हैं तैयारियां
इस भव्य आयोजन की कमान नर्मदापुरम-इटारसी की गुरु पांचाली किन्नर और पिंकी किन्नर ने संभाली है। आयोजन को भव्य बनाने के लिए किन्नर समाज द्वारा तैयारियां युद्ध स्तर पर की जा रही हैं। गुरु पांचाली के अनुसार, यह सम्मेलन न केवल किन्नर समाज बल्कि संपूर्ण सनातन संस्कृति के लिए गौरव का विषय है।
दो दिवसीय कार्यक्रम की रूपरेखा
सम्मेलन का मुख्य केंद्र पुरानी इटारसी स्थित त्रिशलानंद गार्डन होगा। कार्यक्रम अनुसार 23 अप्रैल को सम्मेलन का विधिवत शुभारंभ और संतों का आगमन, 24 अप्रैल को मुख्य आयोजन दोपहर 1 बजे से त्रिशला नंद गार्डन से एक भव्य कलश यात्रा निकाली जाएगी।
शहर के मुख्य मार्गों से गुजरेगी भव्य कलश यात्रा
24 अप्रैल को निकलने वाली यह कलश यात्रा आकर्षण का केंद्र होगी। सनातन वेशभूषा में सजे किन्नर संत जब सिर पर कलश रखकर निकलेंगे, तो पूरा शहर भक्तिमय हो जाएगा। पुरानी इटारसी से प्रारंभ होकर यह यात्रा मुख्य बाजार क्षेत्र का भ्रमण करेगी। यात्रा का समापन रेलवे स्टेशन के सामने स्थित प्रसिद्ध दक्षिण मुखी हनुमान मंदिर में होगा। इस पावन अवसर पर किन्नर समाज द्वारा दक्षिण मुखी हनुमान मंदिर में एक विशाल घंटा भेंट किया जाएगा, जो इस ऐतिहासिक मिलन की स्मृति के रूप में मंदिर में स्थापित होगा।
क्यों खास है यह आयोजन?
नर्मदापुरम संभाग में यह अपनी तरह का पहला आयोजन है जहाँ किन्नर और सनातन संत परंपरा का ऐसा मेल देखने को मिलेगा। यह आयोजन समाज में समावेशिता और धार्मिक एकता का एक बड़ा संदेश देने की कोशिश है।










