खेती के साथ उद्यानिकी और पशुपालन अपनाएं

खेती के साथ उद्यानिकी और पशुपालन अपनाएं

उपसंचालक कृषि ने संगोष्ठी में किसानों को दिया परामर्श

इटारसी। आज का समय खेती के साथ उद्यानिकी और पशु पालन को अपनाने का है, तभी हम खेती को लाभ का धंधा बना सकते हैं। मिट्टी की उर्वरकता बढ़ाने के लिए एकाध फसल को छोडऩा भी पड़े तो छोड़ें, नरवाई न जलाएं क्योंकि यह न सिर्फ फसल एवं मिट्टी बल्कि पर्यावरण और स्वास्थ्य के लिए भी नुकसानदेह है। यह बात उप संचालक कृषि जितेन्द्र सिंह ने किसानों से कही है।

मंगलवार को ग्राम जमानी (Jamani) में कृषक संगोष्ठी (Farmers seminar) और नरवाई न जलाने के लिए आयोजित कृषक कार्यशाला में होशंगाबाद और नरसिंहपुर के किसानो को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने किसानों को शासकीय योजनाओं की जानकारियां प्रदान कीं। संगोष्ठी को डॉ. आशीष शर्मा (Dr. Aashish Sharma), उपेन्द्र शुक्ला (Upendra Shukla), डॉ. संजय अग्रवाल(Dr. Sanjay Agrawal), ग्राम ढाबाखुर्द के कृषक प्रतीक शर्मा, सेवानिवृत्त डीडीए अश्वनी दुबे सहित अन्य विशेषज्ञों ने भी संबोधित किया। आभार प्रदर्शन जमानी के उन्नत कृषक हेमंत दुबे (Hemant Dubay) ने किया।

कृषक संगोष्ठी में ग्राम सेवा समिति के मार्गदर्शक सुरेश दीवान (Gram Seva Samiti Suresh Dewan), सहायक संचालक पशु चिकित्सा डॉ. संजय अग्रवाल (Assistant Director Veterinary Dr. Sanjay Aggarwal), एडीए पवारखेड़ा उपेन्द्र शुक्ला (ADA Pawarkheda Upendra Shukla), वैज्ञानिक उद्यानिकी विभाग डॉ. आशीष शर्मा, एडीए गोविन्द मीना, जेएल मवासे, डॉ. दीपिका, डॉ. ज्योति, आशीष पोडे, राजेन्द्र राजपूत, आरके गौर, रमेश राजपूत, गणेश चौरसिया, आरव्ही चौधरी, आरएस ठाकुर, रामोतार राजपूत सहित अनेक किसान उपस्थित थे। इस अवसर पर डीडीए सिंह ने किसानों को सरसों के बीज भी वितरित किये।

चैलेंजिंग है नरवाई
उपसंचालक कृषि जितेन्द्र सिंह (Deputy Director Agriculture Jitendra Singh) ने कहा कि जिले में नरवाई जलाने से रोकना काफी चैलेंजिंग है। लेकिन, पिछले वर्ष हमने इसको लेकर संपूर्ण जिले में जो जागरुकता अभियान चलाया था, उसके सार्थक परिणाम सामने आये हैं। इस वर्ष भी प्रयास किये जाएंगे। उन्होंने कहा कि नरवाई हमारी खेती, कृषि भूमि, पर्यावरण और स्वास्थ्य के लिए भी नुकसानदेह है। इसे रोकने कुछ उपकरण आये हैं, और प्रयास कर रहे हैं।

जैविक संगठन अच्छा प्रयोग
जैविक खेती जन अभियान की तारीफ करते हुए उपसंचालक कृषि ने कहा कि यह अभियान काफी प्रभावी रहा है और इसका जिक्र हमने प्रदेश स्तर पर भी किया है। उन्होंने कहा कि इस संगठन के माध्यम से हम एफपीओ को बढ़ावा दे सकते हैं और हमें इससे काफी मदद मिल सकती है। उन्होंने कहा कि वे संगठन द्वारा लगाये गये जैविक बाजार का खुद तीन बार निरीक्षण कर चुके हैं और यह काफी सराहनीय प्रयास रहा है।

जमानी रोल मॉडल बनेगा
वरिष्ठ समाजसेवी और ग्राम सेवा समिति रोहना के मार्गदर्शक सुरेश दीवान ने कहा कि आने वाले दिनों में ग्राम जमानी कृषि के क्षेत्र में रोल मॉडल बनने वाला है। उन्होंने बताया कि यहां मॉडल विलेज बनाने का सपना पूरा होने वाला है। यहां एक एग्रीकल्चर म्यूजियम बनाने का विचार चल रहा है। यह पूरा हो गया तो इस क्षेत्र में युवा कृषकों को काफी फायदा होगा और जो पलायन कर रहे हैं वे कृषि ओर अग्रसर होंगे।

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