बलराम तालाब से बदली खेती की तस्वीर

बलराम तालाब से बदली खेती की तस्वीर

नर्मदापुरम। जिले के कई किसान बलराम तालाब के माध्यम से खेती करके आत्मनिर्भता की ओर अग्रसर हो रहे हैं। केसला ब्लाक के श्रीराम सेवक यादव बलराम तालाब के जरिए खाद्यान्य तथा मछली पालन करके और अधिक लाभ कमा रहे हैं। श्री यादव बताते हैं कि उन्होंने अपने 7 एकड़ रकबे में रबी-खरीफ में लगाई जाने वाली फसलों से अच्छी आमदनी प्राप्त की है। उन्होंने अपने खेत में कृषि एवं उद्यानिकी की फसलें लगाई हैं। जिनमें धान तथा आम के साथ गेहं चना की फसल लगाकर उनमें सिंचाई सुविधा मिलने से पैदावार अच्छी हुई है।
किसान ने बताया कि वर्ष 2015 के पहले उनके खेत में सिंचाई के कोई साधन नहीं थे, तब वे केवल रबी मौसम में बिना सिंचाई के फसल की बोआई ही कर पाते थे जबकि खरीफ मौसम में खेत खाली रखना पड़ता था। ग्रामीण क्षेत्र होने के कारण रोजगार के कोई साधन नहीं थे तथा खेती से भी सालभर में एक ही फसल पैदा कर पाते थे। जिसके कारण घर की आर्थिक स्थिति भी अच्छी नहीं थी। विभाग के मैदानी अमले द्वारा इनसे संपर्क किया और उनके खेत का अवलोकन कर उन्हें बताया गया कि वे अपने खेत में बलराम तालाब का निर्माण कराएं बलराम तालाब से होने वाले लाभ से भी उन्हें अवगत कराया एवं शासन द्वारा अनुदान भी दिए जाने की जानकारी दी गई। श्री यादव ने अपने खेत पर वर्ष 2015-16 में कृषि विभाग की योजना का लाभ लेकर बलराम तालाब बनवाया। बलराम तालाब बनने से कृषक खरीफ मौसम में धान की फसल लगाने लगे जिससे उन्हें 7 एकड़ में लगभग 40 क्विंटल धान पैदा होने लगी तथा धान विक्रय से लगभग 75,000 रूपये की आय होने लगी। वहीं सिंचाई की पर्याप्त सुविधा होने से रबी मौसम में चना के स्थान पर गेहूँ लगाना चालू किया। जिसकी 7 एकड़ में उपज 80 क्विंटल के आसपास होती है और इससे लगभग 1,50,000 रूपये की आय प्राप्त होने लगी। बलराम तालाब से गेहूं की 07 एकड़ फसल में 03 सिंचाई करने के उपरांत ग्रीष्मकाल में पशुपालन में भी उनको सहायता मिल रही है। कृषक द्वारा वर्ष 2018 में जिला प्रशासन होशंगाबाद के मार्गदर्शन में इसी बलराम तालाब में मछली पालन का कार्य भी प्रारंभ किया। जिससे उन्हें पहले वर्ष कम सफलता प्राप्त हुई, परंतु आगामी वर्ष 2019 में लगभग 50-60 हजार रूपये की अतिरिक्त आय मछली पालन से प्राप्त हो रही है। इसके अलावा सिंचाई सुविधा उपलब्ध होने के कारण वर्ष 2018 में कृषक ने अपने खेत में 100 आम के पौधे भी लगाये हैं। जो अगले वर्ष तक फलने लगेंगे। बलराम तालाब बनाने से कृषक श्री रामसेवक यादव की खेती लाभ के धंधे में बदल गई और इनका आर्थिक स्तर भी सुदृढ़ हो गया है।

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AUTHORRohit

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