- नर्मदापुरम क्षेत्र में भी झंझावात और तेज हवाओं की चेतावनी
इटारसी। मौसम केंद्र भोपाल द्वारा मंगलवार, 25 अगस्त 2026 को जारी की गई प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, मध्य प्रदेश में अगले 5 दिनों तक मौसम का मिजाज उग्र रहने वाला है। मौसम विभाग ने प्रदेश के कई जिलों में भारी से अति भारी वर्षा, झंझावात (तूफान), आकाशीय बिजली गिरने (वज्रपात) और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलने की चेतावनी जारी की है।
नर्मदापुरम और आसपास के क्षेत्रों के लिए मौसम का पूर्वानुमान
नर्मदापुरम संभाग और जिले के निवासियों को भी आगामी दिनों में सतर्क रहने की आवश्यकता है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, नर्मदापुरम जिले में 25 अगस्त से लेकर 29 अगस्त 2026 तक लगातार कहीं-कहीं झंझावात, वज्रपात और 30-40 किमी/घंटा की गति से तेज हवाएं चलने की संभावना है। बीते 24 घंटों (25 अगस्त सुबह 8:30 बजे तक) के आंकड़ों पर गौर करें तो नर्मदापुरम के सोहागपुर में 17.0 मिमी और पचमढ़ी में 21.0 मिमी वर्षा दर्ज की गई है।
क्यों बदल रहा है मौसम?
मौसम विभाग के अनुसार, झारखंड और उसके आसपास के क्षेत्रों के ऊपर एक कम दबाव का क्षेत्र बना हुआ है, जिसका चक्रवातीय परिसंचरण समुद्र तल से 5.8 किमी की ऊंचाई तक फैला है। इसके अतिरिक्त, मानसून ट्रफ भी कम दबाव के केंद्र से होते हुए उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी तक गुजर रहा है, जिसके कारण प्रदेश में नमी आ रही है और बारिश का दौर जारी है।
प्रदेश के अन्य जिलों का हाल और अति भारी वर्षा का अलर्ट
बीते 24 घंटों में प्रदेश में सबसे अधिक बारिश ओरछा (109.0 मिमी), देवास (106.0 मिमी), नागौद (84.0 मिमी) और सिंगरौली (81.2 मिमी) में दर्ज की गई है।
25-26 अगस्त : पन्ना, दमोह, टीकमगढ़ और निवाड़ी जिलों में अति भारी वर्षा का अलर्ट जारी किया गया है।
26-27 अगस्त : दतिया, भिंड और सागर जिलों में अति भारी वर्षा की चेतावनी दी गई है।
विभाग की विशेष सलाह
तेज हवाओं और तूफान के संभावित खतरे को देखते हुए मौसम विभाग ने कृषकों और नागरिकों के लिए विशेष एडवाइजरी जारी की है। बारिश के दौरान खेतों में सिंचाई, उर्वरक और पौध संरक्षण रसायनों के छिड़काव से बचें। किसानों को सलाह दी गई है कि वे अपनी कटी हुई उपज, बीज, उर्वरक और कृषि यंत्रों को जलरोधक तिरपाल से ढककर सुरक्षित रखें। तेज हवाओं से बचाव के लिए सब्जियों की बेलों और छोटे फलदार पौधों को सहारा (स्टेकिंग) दें। बिजली चमकने या आंधी-तूफान की स्थिति में खुले खेतों में काम न करें, तुरंत किसी सुरक्षित और पक्के मकान में आश्रय लें तथा पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचें। पशुओं को भी सुरक्षित स्थानों पर रखें और तूफान के दौरान उन्हें खुले में चरने से बचाएं।










