- डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी अस्पताल की अधीक्षक डॉ. कमलेश कुमरे के मार्गदर्शन में सराहनीय पहल
इटारसी। शासकीय डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी अस्पताल में डॉक्टरों और विशेष रूप से शिशु रोग विशेषज्ञों की कमी के बीच एक बेहद सुखद और प्रेरणादायी तस्वीर सामने आई है। मरीजों को बेहतर और सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से अस्पताल प्रबंधन और चिकित्सकों ने मानवीय संवेदनशीलता की अनूठी मिसाल पेश की है।
अस्पताल अधीक्षक डॉ. कमलेश कुमरे के मार्गदर्शन एवं अध्यक्षता में आयोजित बैठक में निर्णय लिया कि निजी चिकित्सक, शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. रविंद्र गुप्ता अपनी नियमित चिकित्सीय जिम्मेदारियों के साथ-साथ प्रतिदिन स्वेच्छा से 1 घंटे शिशु रोग ओपीडी का संचालन करेंगे।
मासूमों और परिजनों को मिलेगी भटकने से राहत
अस्पताल में लंबे समय से शिशु रोग विशेषज्ञ की कमी के कारण दूर-दराज और ग्रामीण अंचलों से आने वाले गरीब परिजनों को अपने मासूम बच्चों के इलाज के लिए भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता था। कई बार निजी अस्पतालों का रुख करना पड़ता था, जिससे उन पर आर्थिक बोझ बढ़ता था। डॉ. रविंद्र गुप्ता की इस पहल से अब मासूम बच्चों को समय पर विशेषज्ञ परामर्श और त्वरित उपचार मिल सकेगा, जिससे न केवल परिजनों की असुविधा दूर होगी बल्कि अस्पताल की व्यवस्थाओं पर भी सकारात्मक असर पड़ेगा।
सेवा भावना और कर्तव्यनिष्ठा का उत्कृष्ट उदाहरण
अस्पताल प्रबंधन ने डॉ. रविंद्र गुप्ता के इस कदम को जनहित और मरीज हित में उठाया एक अत्यंत महत्वपूर्ण निर्णय बताया है। अस्पताल की अधीक्षक डॉ. कमलेश कुमरे ने कहा कि चिकित्सकों की कमी की चुनौती के बावजूद मरीजों की सेवा का संकल्प सर्वोपरि है। डॉ. गुप्ता द्वारा स्वेच्छा से अतिरिक्त जिम्मेदारी संभालना उनकी सेवा भावना, कर्तव्यनिष्ठा और मानवता का उत्कृष्ट उदाहरण है, जो पूरे चिकित्सा जगत के लिए प्रेरणादायी है।
सीमित संसाधनों में सेवा की मिसाल
सरकारी अस्पतालों में अक्सर संसाधनों और डॉक्टरों की कमी की शिकायतें सामने आती हैं, लेकिन ऐसे समय में डॉ. रविंद्र गुप्ता की यह पहल यह साबित करती है कि यदि दिल में सेवा का जज्बा हो, तो सीमाओं के बावजूद राह निकाली जा सकती है। यह पहल इटारसी शहर के स्वास्थ्य तंत्र के लिए एक सकारात्मक संदेश है।











