इटारसी। रेल सफर के दौरान दुर्घटना का शिकार हुए एक युवक के लिए आरपीएफ के दो जवान जीवनरक्षक बनकर सामने आए। शनिवार सुबह झेलम एक्सप्रेस से गिरकर घायल हुए यात्री को आरपीएफ आरक्षकों ने न केवल समय पर संभाला, बल्कि तत्काल अस्पताल पहुंचाकर उसकी जान बचाई। जवानों की इस तत्परता और मानवीय संवेदना की क्षेत्र में काफी सराहना हो रही है।
चलती ट्रेन से गिरा यात्री, जवानों ने दिखाई फुर्ती
घटना शनिवार सुबह करीब 06:50 बजे की है, जब गाड़ी संख्या 11077 झेलम एक्सप्रेस बनापुरा रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर 2 पर आकर रुकी थी। सुबह 06:55 पर जैसे ही ट्रेन रवाना हुई, आगे के सामान्य कोच से उतरने या चढऩे के प्रयास में एक यात्री अनियंत्रित होकर नीचे गिर गया। यात्री की पहचान मोनू विश्वकर्मा 24 वर्ष, निवासी जिला टीकमगढ़ के रूप में हुई है, जो पुणे से ललितपुर की यात्रा कर रहा था। ट्रेन से गिरते ही युवक के चेहरे पर गंभीर चोटें आईं।
त्वरित रेस्क्यू और उपचार
ड्यूटी पर तैनात आरपीएफ इटारसी के आरक्षक हरप्रताप सिंह और आरक्षक अजीत सोरेंग ने जैसे ही यात्री को गिरते देखा, वे बिना एक पल गंवाए उसकी ओर दौड़े। जब तक ट्रेन स्टेशन से निकल चुकी थी, दोनों जवानों ने घायल मोनू को सहारा देकर उठाया और सुरक्षित आरपीएफ चौकी लेकर आए। जवानों ने पहले उसे प्राथमिक उपचार दिया और फिर तुरंत सिविल अस्पताल सिवनी मालवा लेकर पहुंचे।
यात्री ने जताया आभार
अस्पताल में समय पर डॉक्टरी सहायता मिलने और मरहम-पट्टी के बाद युवक की स्थिति में सुधार हुआ। उपचार के उपरांत डॉक्टरों ने उसे डिस्चार्ज कर दिया। आरपीएफ स्टाफ ने घायल यात्री को सुरक्षित दूसरी ट्रेन में बैठाकर उसके गंतव्य के लिए रवाना किया। जाते समय घायल मोनू विश्वकर्मा की आंखें भर आईं, उसने आरपीएफ जवानों की प्रशंसा करते हुए कहा कि अगर आज ये जवान सतर्क न होते, तो उसके साथ कोई बड़ी अनहोनी हो सकती थी।










