नर्मदापुरम। जिले में बढ़ते नशे के कारोबार और युवाओं में इसकी लत को रोकने के लिए प्रशासन ने कमर कस ली है। कलेक्टर सोमेश मिश्रा की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट कार्यालय के रेवा सभा कक्ष में जिला स्तरीय नारकोटिक्स समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक में कलेक्टर ने दो टूक शब्दों में कहा कि नशीली दवाओं की अवैध बिक्री और युवाओं को नशे की गर्त में धकेलने वालों पर सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए। बैठक में एसपी श्री साई कृष्ण एस थोटा, जिला पंचायत सीईओ हिमांशु जैन सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
100 मीटर के दायरे में तंबाकू-अवैध दुकानों पर बैन
कलेक्टर सोमेश मिश्रा ने बैठक में सबसे कड़ा निर्देश शिक्षण संस्थानों को लेकर दिया। उन्होंने कहा जिले के किसी भी स्कूल या कॉलेज परिसर से 100 मीटर की परिधि (दायरे) के भीतर मादक पदार्थों और नशीली चीजों का विक्रय करने वाली दुकानें पूरी तरह प्रतिबंधित रहेंगी। इस दायरे में कोई भी दुकान संचालित पाई जाती है, तो उसके खिलाफ नियमानुसार तत्काल और सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।
मेडिकल शॉप्स की होगी नियमित चेकिंग
युवाओं द्वारा नशीली दवाओं (ड्रग्स और प्रतिबंधित कफ सिरप आदि) के दुरुपयोग को रोकने के लिए कलेक्टर ने स्वास्थ्य और औषधि विभाग के अधिकारियों को अलर्ट किया है। जिले की सभी मेडिकल शॉप और फार्मेसी दुकानों का नियमित निरीक्षण किया जाएगा ताकि अवैध रूप से बिना डॉक्टर के पर्चे की नशीली दवाएं बेचने वालों पर नकेल कसी जा सके।
गांव-शहरों में चलेगा विशेष जागरूकता अभियान
प्रशासन केवल कार्रवाई तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि लोगों को जागरूक भी करेगा। इसके लिए कलेक्टर ने निर्देश दिए हैं।
- जागरूकता अभियान : सभी स्कूलों और महाविद्यालयों में नशीली दवाओं के दुष्प्रभावों और नशामुक्ति को लेकर विशेष अभियान चलाए जाएंगे।
- पंचायतों की भूमिका : ग्रामीण क्षेत्रों में ग्राम पंचायतों और शहरी क्षेत्रों में स्थानीय निकायों (नगर पालिकाओं/नगर परिषदों) के माध्यम से व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाएगा।
- काउंसलिंग और पुनर्वास : जिले में संचालित नशामुक्ति केंद्रों का नियमित निरीक्षण होगा। नशे की लत से प्रभावित लोगों की काउंसलर्स के माध्यम से नियमित काउंसलिंग सुनिश्चित की जाएगी।
पहचान के लिए मिलेंगे आधुनिक उपकरण
बैठक में कलेक्टर ने जिले में मादक पदार्थों की सटीक पहचान और रोकथाम के लिए जरूरी आधुनिक उपकरणों की उपलब्धता की समीक्षा की और समय-समय पर उनकी व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इस उच्च स्तरीय बैठक में अपर कलेक्टर अनिल जैन, डिप्टी कलेक्टर डॉ. बबीता राठौड़ सहित नारकोटिक्स समिति से जुड़े अन्य विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।











